प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में छापेमारी की है। यह यूनिवर्सिटी लवली ग्रुप के स्वामित्व में है, जिसके मालिक आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल हैं। हाल ही में मित्तल को पार्टी ने राज्य सभा में डिप्टी लीडर बनाया है, उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली है अशोक मित्तल LPU के संस्थापक और चांसलर हैं और अपने भाइयों रमेश मित्तल और नरेश मित्तल के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी का संचालन करते हैं।
एजेंसी ने स्थानीय पुलिस की नहीं ली मदद
ED की यह कार्रवाई जालंधर और चंडीगढ़ की टीमों ने मिलकर की है। छापेमारी लवली ग्रुप से जुड़े कारोबारी संस्थानों पर की गई। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन की जांच के तहत की गई। एक अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय एजेंसी ने इस दौरान स्थानीय पुलिस की कोई मदद नहीं ली।
क्या घर पर भी हुई छापेमारी?
लवली ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद AAP ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और इसे पंजाब चुनाव से पहले की तैयारी बताया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि ED ने LPU के साथ-साथ अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर पर भी छापा मारा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि AAP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर ED की रेड… यह मोदी सरकार की सामान्य शैली है।
राघव की जगह अशोक को बनाया डिप्टी लीडर
बता दें कि ED की छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही अशोक मित्तल को AAP ने राज्य सभा में डिप्टी लीडर की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली है। राघव चड्ढा को इस पद से हटाए जाने को लेकर पार्टी में अंदरूनी मतभेद की चर्चा भी हुई, हालांकि मित्तल ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा हमारे वरिष्ठ नेता हैं और आगे भी रहेंगे। जैसे उन्होंने पहले एनडी गुप्ता की जगह ली थी, वैसे ही मैंने उनकी जगह ली है। AAP एक लोकतांत्रिक पार्टी है और अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी देने में विश्वास करती है।



















