नरसिंह जयंती का पावन दिन भगवान नृसिंह की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा, आरती और मंत्रों का जाप करने से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है. ऐसे में आज के दिन विशेष आरती और शक्तिशाली मंत्रों का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
भगवान नरसिंह की आरती
ॐ जय नरसिंह हरे,
प्रभु जय नरसिंह हरे ।
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
जनका ताप हरे ॥
ॐ जय नरसिंह हरे ॥
तुम हो दिन दयाला,
भक्तन हितकारी,
प्रभु भक्तन हितकारी ।
अद्भुत रूप बनाकर,
अद्भुत रूप बनाकर,
प्रकटे भय हारी ॥
ॐ जय नरसिंह हरे ॥
सबके ह्रदय विदारण,
दुस्यु जियो मारी,
प्रभु दुस्यु जियो मारी ।
दास जान आपनायो,
दास जान आपनायो,
जनपर कृपा करी ॥
ॐ जय नरसिंह हरे ॥
ब्रह्मा करत आरती,
माला पहिनावे,
प्रभु माला पहिनावे ।
शिवजी जय जय कहकर,
पुष्पन बरसावे ॥
ॐ जय नरसिंह हरे ॥
श्रद्धापूर्व करें इस मंत्रों का जाप
आपत्ति निवारक नरसिंह मंत्र –
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥
नरसिंह गायत्री मंत्र –
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्ण दंष्ट्राय धीमहि | तन्नो नरसिंह प्रचोदयात ||
संपत्ति बाधा नाशक नरसिंह मंत्र –
ॐ नृम मलोल नरसिंहाय पूरय-पूरय
ऋण मोचक नरसिंह मंत्र –
ॐ क्रोध नरसिंहाय नृम नम:
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