बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार शाम आए तेज तूफान और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। बोरिंग अस्पताल की कंपाउंड दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। मृतकों में छह साल की बच्ची भी शामिल थी, जो अपने जन्मदिन से पहले खरीदारी करने निकली थी। यह हादसा शिवाजीनगर इलाके में हुआ, जहां लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के सहारे खड़े थे। शहर में अन्य घटनाओं में तीन और लोगों की मौत हुई। एक किशोर बिजली के करंट की चपेट में आ गया, जबकि दो अन्य की अलग-अलग हादसों में जान गई। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में पेड़ गिरा दिए और बिजली आपूर्ति बाधित कर दी।
मुआवजे का ऐलान
प्रशासन के अनुसार, मृतकों में फ़याज़ अहमद, मोहम्मद अब्दुल हक़, मुसफ़िरा, केके लता, स्मिता, मोहम्मद सलाहुद्दीन और नसीमउल्ला शामिल हैं। कई पीड़ित स्ट्रीट वेंडर थे, जो अस्पताल के पास काम करते थे। दो महिलाएं केरल से आई पर्यटक थीं। घटना के बाद सिद्धारमैया ने मौके का दौरा कर मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की और घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने दीवार गिरने के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया।
मौसम विभाग ने जारी किया था ऑरेंज अलर्ट
- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था।
- करीब 78 मिमी बारिश दर्ज की गई और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
- एमजी रोड, इंदिरानगर और कोरमंगला जैसे इलाकों में जलभराव से हालात बिगड़ गए।
बारिश का असर कारोबार पर भी पड़ा। चर्च स्ट्रीट स्थित बुकवर्म बुकस्टोर में पानी घुसने से करीब 5,000 किताबें खराब हो गईं। शहरभर में 170 पेड़ गिरने और 400 से अधिक शाखाएं टूटने की सूचना मिली है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष टीमें तैनात कर दी हैं।



















