11 मई को साहस और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश करेंगे। जिससे मालव्य राजयोग के साथ विपरीत राजयोग का निर्माण होगा। मंगल ग्रह मीन राशि से निकलकर अपनी स्वराशि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल ग्रह मेष राशि में 21 जून तक रहेंगे। मेष राशि में रहने के बाद शुक्र की वृषभ राशि में चले जाएंगे। मेष राशि में मंगल का यह गोचर ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है।

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 11 मई 2026 को मंगल ग्रह मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जहां ये 21 जून तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम, ऊर्जा, शक्ति, रक्त और भूमि आदि का कारक ग्रह मान जाता है। कुंडली में मंगल की शुभ स्थिति होने पर व्यक्ति के साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। 11 मई को मंगल का राशि परिवर्तन करने से रूचक राजयोग का निर्माण होगा, जो पंच महापुरुष राजयोग में एक राजयोग माना जाता है। इस रूचक राजयोग के साथ-साथ विपरीत राजयोग का भी निर्माण होगा।

मेष, वृश्चिक, सिंह, कर्क, धनु और मीन राशियों को लाभ

यह गोचर शीघ्रता से परिणाम देने वाला साबित होगा और देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में गति आएगी। मंगल अपनी राशि मेष में जाकर बलवान हो जाएगा और भाग्य का देवता होने के नाते मेष, वृश्चिक, सिंह, कर्क, धनु और मीन राशि के जातकों का भाग्य खोल देगा। अन्य राशि के जातकों पर भी इसका सूक्ष्म शुभ प्रभाव होगा। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि मंगल के इस गोचर में सभी लोगों को अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा। इस दौरान क्रोध में वृद्धि होगी और आवेश में आकर कई ऐसे कार्य कर बैठेंगे जिन पर आपको बाद में पश्चाताप करना पड़ेगा। इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें।

अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना

मंगल के कारण प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। मंगल की वजह से दुर्घटना होने की आशंका है। देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी। भूकंप या अन्य तरह से प्राकृतिक आपदा आने की भी आशंका है।

मंगल से होती हैं विवाद और दुर्घटनाएं

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के कारण उत्साह बढ़ने लगता है। इस ग्रह से शारीरिक ऊर्जा भी बढ़ती है। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा का कारक ग्रह कहा गया है। इस ग्रह के कारण ही इंसान में किसी भी काम को करने की इच्छा पैदा होती है। मंगल का असर हथियार, औजार, सेना, पुलिस और आग से जुड़ी जगहों पर होता है। इस ग्रह के अशुभ असर से गुस्सा बढ़ता है और विवाद होते हैं। जल्दबाजी से बचना होगा। मंगल के अशुभ असर के कारण आम लोगों में गुस्सा और इच्छाएं बढ़ने लगती हैं। इच्छाएं पूरी नहीं होने पर लोग गलत कदम उठा लेते हैं। जिससे विवाद और दुर्घटनाएं होती हैं।

मंगल को ज्योतिष शास्त्र में सेनापति माना गया

मंगल को ज्योतिष शास्त्र में सेनापति माना गया है। मंगल समस्त साहसिक कार्य जैसे सेना, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस आदि के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी प्रतिनिधित्व करता है। मंगल अग्नि तत्व ग्रह होने के साथ-साथ एक उत्तेजनात्मक ग्रह भी है। मंगल का प्रभाव युद्ध, भूमि, साहस, पराक्रम और बिजनेस पर भी होता है। साथ ही ये ग्रह वैवाहिक जीवन, भौतिक सुख-सुविधाओं और सफलता को भी प्रभावित करता है

करें पूजा-पाठ और दान

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए। लाल कपड़ों का दान करें। मसूर की दाल का दान करें। शहद खाकर घर से निकलें।

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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