बिहार – बांका में ठगी का ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सननसनी मचा दी. जो बेटा 16 साल पहले लापता हो गया, उसे अपनी आंखों के सामने देखकर माता-पिता भावुक हो गए थे. दंपति ने बेटे को घर में रख लिया और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. वर्षों बाद लौटे इस ‘बेटे’ ने माता-पिता से ठगी कर ली और फिर फरार हो गया. मामला पंजवारा थाना क्षेत्र के डहुआ पंचायत में हेचला गांव का है. पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका बेटा वर्षों पहले दिल्ली में लापता हो गया था. तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया था. जब पुलिस ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाले हकीकत सामने आई.
साधु के वेश में आए दोनों युवक
पुलिस के मुताबिक, शनिवार (9 मई) को सारंगी बजाने वाले साधु के वेश में दो युवक गांव पहुंचे. इनमें से एक युवक ने खुद को अजीम अंसारी का बेटा सिकंदर अंसारी बताया, जो 16 साल पहले लापता हो गया था.
गुरु के बंधन से मुक्त होने के लिए मांगे पैसे
हालांकि गांव के कई लोगों ने युवक पर संदेह जताते हुए विरोध भी किया, लेकिन मां-बाप ममता में सबकुछ भूल बैठे. दोनों ने खुशी-खुशी परिवार में शामिल कर लिया. इसके बाद शख्स ने कहा कि वे किसी गुरु के बंधन में हैं. उससे मुक्त होने के लिए बड़ी रकम देनी होगी. ठगों की बातों में आकर परिवार ने करीब एक लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा करीब 60 हजार रुपये नकद भी दे दिए.
ठगी के लिए सिकंदर के ससुराल भी पहुंचे
रविवार (10 मई) सुबह जब सुबह परिवार की नींद खुली तो दोनों युवक घर से गायब थे. घर में खड़ी बाइक भी चोरी हो गई थी. दंपति को ठगी का अहसास हो गया. जिस घर में बेटे के लौटने की खुशी थी, वहां देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया. यही नहीं, दोनों युवक सिकंदर अंसारी के ससुराल भी पहुंचे. वहां युवक ने सिकंदर की पत्नी रोशनी खातून से मुलाकात की, लेकिन रोशनी खातून ने युवक को पहचानने से इनकार कर दिया. जब यहां बात नहीं बनी तो दोनों वहां से भी फरार हो गए.



















