मध्य प्रदेश के दतिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां महिला एवं बाल विकास विभाग में सोमवार को सूचना के अधिकार ( RTI) के तहत जानकारी मांगने पहुंचे एक अधिवक्ता और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) के बीच विवाद हो गया. बहस के दौरान DPO अरविंद उपाध्याय ने अपना कॉलर अधिवक्ता शंभू गोस्वामी के हाथ में पकड़ा दिया. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है.
अधिवक्ता शंभू गोस्वामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और DPO के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत करते हुए आरटीआई लगाई थी. इसके जवाब में विभाग ने जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 1 लाख 66 हजार रुपए की मांग करते हुए उन्हें नोटिस भेजा था. अधिवक्ता का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि की मांग जानबूझकर की गई, ताकि आवेदक पीछे हट जाए और जानकारी न देनी पड़े. साथ ही, विभाग ने यह भी स्पष्ट नहीं किया था कि यह राशि किस मद या चालान के जरिए जमा की जानी है.
नकद राशि जमा करने की बात पर शुरू हुई बहस
यह घटना सोमवार (11 मई) की है. यहां अधिवक्ता शंभू गोस्वामी 1.66 लाख रुपए नकद लेकर सीधे DPO कार्यालय पहुंचे. उन्होंने कर्मचारियों से राशि जमा कर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा. जब कर्मचारियों ने नकद राशि लेने से इनकार कर दिया और DPO ने दस्तावेजों का अवलोकन कराने से मना किया, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. इसी दौरान DPO ने अधिवक्ता को अपना कोलर पकड़ने को कहा और चिल्लाते हुे कैबिन में चले गए.
डीपीओ ने पकड़ाया कॉलर, वकील ने लगाए आरोप
वायरल वीडियो में डीपीओ अरविंद उपाध्याय कुर्सी से उठकर अधिवक्ता के सामने आते हैं और अपना कॉलर आगे करते हुए उसे पकड़ने के लिए कहते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर अधिवक्ता गोस्वामी ने DPO पर अपनी कमियां और भ्रष्टाचार छिपाने के लिए अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए. फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.



















