NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार करने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। लातूर में RCC कोचिंग क्लासेस के डायरेक्टर मोटेगांवकर जांच में गिरफ्तार किए गए 10वें व्यक्ति हैं। CBI ने आरोप लगाया कि उन्होंने परीक्षा से पहले NEET-UG के क्वेश्चन पेपर हासिल किए और उन्हें स्टूडेंट्स में बांटा।
सीबीआई ने 10 दिन की कस्टडी मांगी
बता दें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने बीते कल (रविवार) को कोचिंग डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को उनके घर पर करीब सात घंटे तक NEET-UG पेपर लीक केस के सिलसिले में पूछताछ की थी। अब एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने परीक्षा का पेपर लीक करने के लिए दूसरों के साथ मिलकर काम किया और इसे कोचिंग स्टूडेंट्स के साथ शेयर किया। CBI के मुताबिक, उनके मोबाइल फोन से क्वेश्चन पेपर बरामद किए गए। ऐसे में एजेंसी ने कोर्ट से 10 दिन की कस्टडी मांगी, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके।
CBI कर सकती है बयान जारी
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी जल्द ही इस गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। जिसमें कुछ और भी बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। बता दें पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 मई को होने वाली NEET UG 2026 परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया था।



















