गुवाहाटी: असम में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई में असम सिविल सर्विस (ACS) के वरिष्ठ अधिकारी लचित कुमार दास को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। दास की गिरफ्तार के बाद उसके घर से नोटों का खजाना मिला है। दरअसल विजिलेंस और भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों ने गुवाहाटी के रूपनगर स्थित उनके कार्यालय में छापा मारकर उन्हें 45,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। लचित कुमार दास भूमि अभिलेख विभाग में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ शिकायत मिली थी कि वे जमीन की बिक्री के लिए ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) जारी करने के बदले एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्या-क्या हुआ
- शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और तय राशि की पहली किस्त लेते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
- इस दौरान गवाह भी मौजूद थे और रिश्वत की रकम मौके पर ही जब्त कर ली गई।
- गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने दास के कई ठिकानों पर छापेमारी की।
- रानी बागान, बेल्टोला स्थित उनके आवास पर तलाशी के दौरान एक लॉकर से 48.38 लाख नकद बरामद हुए।
- इसके अलावा उनके और परिवार के सदस्यों के नाम पर लगभग 80 लाख के फिक्स्ड डिपॉजिट दस्तावेज भी मिले।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
जांच आगे बढ़ने पर और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए। छापेमारी में कुल मिलाकर 1.18 करोड़ से अधिक नकदी, कई बैंक निवेश और दो भूखंडों से जुड़े महत्वपूर्ण जमीन दस्तावेज बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह संपत्ति उनकी आय से कई गुना अधिक है। इससे अवैध कमाई की आशंका और मजबूत हो गई है।
डीआईजी ने क्या बताया
विजिलेंस विभाग के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) बेदंत माधव राजखोवा ने बतया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधित) की धारा 7(a) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है और अवैध संपत्ति का पूरा स्रोत क्या है।



















