महासमुंद। साहू समाज में अब मृत्युभोज में परोसे जाने वाले कलेवा बंद होंगे। वहीं आगंतुक मेहमानों को आते ही दिए जाने वाले नाश्ता भी नहीं दी जाएगी। पंगत में सादा खाना ही परोसा जायेगा। इसी तरह अंतिम संस्कार के समय कफन निजी (घरेलू) परिजन ही डालेंगे। अन्य लोग जो अंत्येष्टि में शामिल होंगे वे दानपेटी में राशि दान के रूप में सहयोग करेंगे।
महिलाओं के द्वारा तालाब कार्यक्रम में शोकाकुल परिवार को भेंट किए जाने वाले साड़ी भी नहीं दी जाएगी। उसके स्थान पर वे भी दानपेटी में राशि दान करेंगे। शनिवार को साहू सदन में हुई जिला साहू संघ की बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष धरम दास साहू ने की। वहीं सभापति के रूप में जीपी साहू और विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष तुलसीदास साहू, राजिम भक्तिन समिति कार्यकारी अध्यक्ष चमन साहू, गौकरण साहू, पार्वती साहू, चंद्रहास साहू सहित तहसील व परिक्षेत्र अध्यक्ष शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब मृत्युभोज के नाम पर आडंबर बंद होंगे। पंगत में अब मेवा मिष्ठान अब नहीं परोसे जाएंगे। मृतक परिवार से संवेदना की घड़ी में दिखावा के नाम पर होने वाले अतिरिक्त भार अब नहीं पड़ेंगे। कफन ओढ़ाने के लिए कपड़ों का भरमार होती है।
जिसे नष्ट कर दिया जाता है उसके स्थान पर अब मृतक को परिवार के नजदीकी परिजन व रिश्तेदार ही कफन डालेंगे तथा अन्य सामाजिक, पारिवारिक व अन्य लोग जो अंत्येष्टि में शामिल होंगे वे कफन के स्थान पर दानपेटी में नगद राशि दान करेंगे। जो मृतक के परिजन को आंशिक रूप से सहयोग प्रदान करेगी। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री नोहरदास साहू ने किया व आभार प्रदर्शन तुलसी साहू ने किया।



















