रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास भवन में रायपुर जिला के विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर शत-प्रतिशत आंगनबाडिय़ों में बच्चों और महिलाओं को गर्म भोजन देना जल्द सुनिश्चित करें, जिससे राज्य सरकार का तीन साल में कुपोषण दूर करने का लक्ष्य पूरा हो सके। श्रीमती भेंडिय़ा ने रायपुर जिले में कुपोषण की स्थिति तथा उसे दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयास, पूरक पोषण आहार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की स्थापना, विभागीय भवनों की स्थिति, महिला सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान ,बाल संरक्षण योजना तथा विभाग की समस्या मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देंश दिए। इस अवसर पर विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती भेडिय़ा ने कहा कि कुपोषण दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। हमें बच्चों एवं महिलाओं के हित में काम करना तथा उन्हें सुरक्षित रखना है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देंशित किया कि विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार करें। उन्होंने विभागीय सचिव से कहा कि विभाग की कार्ययोजनाओं की प्रगति के संबंध में जिला कलेक्टरों से निरंतर चर्चा करते रहें, ताकि जिला के कलेक्टर फील्ड के अधिकारियों से बेहतर समन्वय बनाकर लक्ष्य पूरा कर सकें। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी और महिला बाल विकास अधिकारियों को पंचायत स्तर पर संपर्क कर योजनाओं की हितग्राहियों तक पहुंच की वस्तुस्थिति का जायजा लेने हेतु भी निर्देंशित किया। उन्होंने कहा कि रेडी टू ईट की गुणवत्ता खराब पाये जाने पर संबंधित स्व सहायता समूह को आगे काम न दिया जाये। सचिव श्रीमती निगार ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को अपने मूल उद्देश्य को सर्वोपरि रखकर काम करना चाहिए। अधिकारी कुपोषण को तकनीकी रूप से अच्छी तरह समझें। विषय को अच्छी तरह समझने से उसके परिणाम भी अच्छे आयेंगे। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने बताया कि रायपुर जिले को कुपोषण मुक्त करने हेतु लक्ष्य सुपोषण के नाम से अभिनव पहल की गई है। इसकेे तहत अतिगंभीर कुपोषित बच्चों की पोषण पुनर्वास केन्द्रों की तर्ज पर उनके घर पर ही समुचित देखभाल की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिले के अधिकारी कर्मचारी, अशासकीय संस्थाओं, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों, चौरीटेबल संस्थाओं सहित विभिन्न दान दाताओं के द्वारा स्वेच्छा से 80 लाख रूपये का आर्थिक सहयोग किया गया है। जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की मदद से सुपोषण टोकरी के माध्यम से बच्चों को नियमित पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम आये हैं। 02 अक्टूबर 2019 को लक्षित 819 अति गंभीर कुपोषित बच्चों में से 659 बच्चों के पोषण स्तर में परिवर्तन हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले के 4 हजार 792 बच्चें कुपोषण मुक्त हुये है तथा 12 हजार 844 महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार हुआ है। जिले में पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के तहत एक लाख 34 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जिले में विभिन्न मदों से स्वीकृत 1406 आंगनबाड़ी भवनों में से 1365 भवन निर्माण के कार्य को पूर्ण कर लिया गया है। विगत 2 वर्षों में जिले के 1470 आंगनबाड़ी केन्द्रों को डबल सिलेंडर गैंस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र धुंआ रहित हो चुके हैं। इस पर विभागीय सचिव ने जिला कलेक्टरों से गैंस रिफिलिंग से संबंधित प्रस्ताव मगांने के निर्देंश दिए। रायपुर के लिए सखी सेंटर भवन की मांग पर अधिकारियों ने बताया कि जिले के लिए एक अतिरिक्त सखी सेंटर हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसके साथ ही जिले में मानसिक बीमार महिलाओं के लिए रिम्स में संचालित आश्रय गृह को 50 बिस्तर से बढ़ाकर 100 बिस्तर किये जाने की मांग रखी गई।
महिला बाल विकास मंत्री ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, कहा-सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्म भोजन देना सुनिश्चित करें
Next Article मशरूम विक्रय के लिए एग्रो कंपनी से एमओयू
Related Posts
Add A Comment
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.













