What's Hot

नई दिल्ली। हरियाणा में भी बर्ड फ्लू बीमारी का संक्रमण फैलने की पुष्टि के बाद सरकार सतर्क हो गई है. राज्य सरकार ने पंचकूला जिले के दो पोल्ट्री फार्मों के पक्षियों में ‘एवियन इन्फ्लुएंजा’ (एच5एन8) मिलने पर उनके एक किलोमीटर की परिधि में संक्रमित-जोन तथा एक से 10 किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र में सर्विलांस-जोन घोषित किया है. इन क्षेत्रों से न तो कोई पक्षी और न ही अंडा व खाने का दाना बाहर जाएगा. बीमारी को फैलने से रोकने के लिए विशेषज्ञों की देखरेख में संक्रमित-जोन के अंदर आने वाले पांच पोल्ट्री फार्मों के 1,66,128 पक्षियों को मार कर मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा.

हरियाणा के पशु पालन एवं डेयरी मंत्री जयप्रकाश दलाल ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी दी. दलाल ने बताया कि राज्य सरकार अपने प्रदेश के लोगों द्वारा किए जाने वाले पोल्ट्री-व्यवसाय के प्रति सचेत है. पंचकूला जिले के पोल्ट्री फार्मों में बीमारी के कारण पक्षियों की मौत की जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में पिछले एक माह के दौरान इन पोल्ट्री फार्मों में करीब 4 लाख पक्षियों की मौत की जानकारी मिली है.

उन्होंने बताया कि पहले जालंधर में एक लैब में इन पक्षियों के सैंपल भेजे गए, मगर वहां से रिपोर्ट न मिलने के कारण बाद सैंपल भोपाल की एक लैब में जांच के लिए भेजे गए. रिपोर्ट में दो पोल्ट्री फार्मों के पक्षियों में ‘एवियन इन्फ्लुएंजा'(एच5एन8) मिलने की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि हालांकि बर्ड-फ्लू की यह स्ट्रेन ज्यादा घातक नहीं है, फिर भी राज्य सरकार ने एहतियातन पंचकूला के प्रभावित पोल्ट्री फार्मों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है.

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘एवियन इन्फ्लुएंजा'(एच5एन8) से संक्रमित पंचकूलाला के गांव खेड़ी स्थित सिद्धार्थ पोल्ट्री फार्म और गनौली गांव में स्थित नेचर पोल्ट्री फार्म, डंडलावर के एक किलोमीटर तक की परिधि के क्षेत्र को इन्फेक्टेड जोन तथा एक से 10 किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित कर दिया है. उन्होंने जानकारी दी कि इस क्षेत्र से अब एवियन-प्रजाति के पक्षी, अंडे आदि दूसरे क्षेत्र में भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके. उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में पांच पोल्ट्री फार्म हैं, जिनमें 1,66,128 पोल्ट्री पक्षी हैं. इन सभी को केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार मार कर जमीन में दबा दिया जाएगा. इसके लिए विभाग ने 59 टीमें बनाई हैं. पोल्ट्री फार्म के मालिकों को इन मारे जाने वाले पक्षियों के क्षतिपूर्ति के लिए 90 रुपए प्रति पक्षी मुआवजे के रूप में दिया जाएगा.दलाल ने बताया कि उक्त पोल्ट्री-फार्मों में कार्य करने वाले कर्मचारियों व मालिकों के स्वास्थ्य की भी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि जींद, सफीदों आदि क्षेत्रों, जहां पर पोल्ट्री फार्म ज्यादा हैं वहां पर भी विभाग द्वारा नजर रखी जा रही है. पशु पालन एवं डेयरिंग मंत्री श्री जयप्रकाश दलाल ने एवियन इन्फ्लूएंजा के मामले में पोल्ट्री उत्पादों की खपत के बारे में मानक सलाह दी है कि रोग मुक्त क्षेत्रों में पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पादों को सही तरीके से पकाकर खाया जा सकता है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031