रायपुर– छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए सरकार को घेरा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और नियमों के तहत स्वमेव निलंबित हो गए।
विपक्ष ने उठाए पुनर्वास और कार्रवाई पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नकटी गांव में जिन 85 मकानों को हटाया गया, उनमें कई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे और वहां बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास दिए बिना बेदखली की कार्रवाई की गई।
कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि गरीबों के घर तोड़कर विधायक कॉलोनी बनाने की चर्चा हो रही है, जो उचित नहीं है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि विधायक कॉलोनी निर्माण से जुड़े कोई दस्तावेज हैं तो उन्हें सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए।
सरकार बोली- कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी गांव में कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त तहसीलदार ने जांच की और अवैध कब्जा पाए जाने पर वर्ष 2025 में बेदखली का आदेश जारी किया गया। इसके बाद 28 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले से सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। साथ ही उन्हें नवा रायपुर के सेक्टर-30 में फ्लैट उपलब्ध कराकर पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
स्थगन प्रस्ताव खारिज, विपक्ष का विरोध
राजस्व मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न होने पर नियमानुसार विपक्ष के सभी सदस्य स्वमेव निलंबित हो गए।



















