Bihar Politics: तेजस्वी यादव के विदेश यात्रा से वापस आते ही राजद को बिहार में एक बड़ा झटका लगा है. सीतामढ़ी से पूर्व सांसद और पार्टी के मजबूत नेता अर्जुन राय ने राजद का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर खुद पार्टी से इस्तीफा देने की आधिकारिक घोषणा की.
अर्जुन राय पिछले कुछ समय से पार्टी के अंदरूनी फैसलों और कामकाज से नाराज चल रहे थे. पिछले दिनों राजद के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी बीजेपी का दामन थामा था.
27 जुलाई को बीजेपी में होंगे शामिल
प्रेस वार्ता के दौरान अर्जुन राय ने कहा कि वह सोमवार, 27 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बिहार बीजेपी के प्रादेशिक नेतृत्व से प्रभावित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने बिहार में पंचायत चुनाव से पहले होने वाले परिसीमन का भी समर्थन किया.
सीतामढ़ी के विकास के लिए डबल इंजन जरूरी
अर्जुन राय ने कहा कि राजद का मौजूदा कामकाज और तौर-तरीका सही दिशा में नहीं है. सीतामढ़ी के अधूरे पड़े विकास कामों को रफ्तार देने के लिए केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के साथ जुड़ना बेहद जरूरी है. एनडीए सरकार जनहित में बेहतरीन काम कर रही है और वे इसी विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं.
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था अर्जुन राय का सफर
अर्जुन राय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1994 में बिहार विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति के जरिए की थी. उन्होंने साल 2000 में पहली बार राजद के टिकट पर औराई से विधानसभा चुनाव लड़ा. इसके बाद 2005 में वह जेडीयू में शामिल होकर औराई से विधायक चुने गए. साल 2009 में वह जेडीयू के टिकट पर ही सीतामढ़ी से सांसद बने थे.
हार के बाद 2015 में हुई थी राजद में वापसी
2014 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद अर्जुन राय 2015 में फिर से राजद में लौट आए थे. इसके बाद राजद ने उन्हें 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में सीतामढ़ी सीट से मैदान में उतारा, लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. आखिरकार पार्टी से लगातार बढ़ती नाराजगी के चलते उन्होंने राजद से अपना नाता तोड़ लिया है.



















