दक्षिण कश्मीर से एक बहुत ही दुखद खबर आई है. यहां कुलगाम जिले के ब्रिनल-लामर में एक बकरवाल परिवार के दो बच्चे ठंड की भेंट चढ़ गए. जम्मू के रियासी के रहने वाले जुबैर अहमद अपने परिवार के साथ भेड़-बकरियां चराने आए थे और अपने परिवार के साथ खुले आसमान में टेंट में रहते थे और बर्फबारी के बाद से ही मुश्किलों में थे. स्थानीय लोगों के अनुसार जुबैर के परिवार के लिए मुश्किलें 3 जनवरी को शुरू हो गई, जब कश्मीर घाटी में भीषण बर्फबारी शुरू हुई थी. अगले तीन दिनों तक लगातार हुई बर्फबारी में इनका टेंट पूरी तरह दब गया था. ठंड के कारण पूरे परिवार का बुरा हाल हुआ था और जुबैर के 10 साल के बेटे साहिल की ठंड से मौत हो गई. एक स्थानीय परिवार ने इनको अपने यहां शरण दी, लेकिन अगले तीन दिनों तक प्रशासन का कोई भी व्यक्ति इनके पास नहीं पहुंचा. चार-पांच दिन तक वहां रहने के बाद शनिवार को परिवार वापस अपने टेंट में चला गया, लेकिन इस बार जुबैर की 6 साल की बेटी ठंड के कारण बीमार हो गई. लेकिन इलाके की सड़कों पर बर्फ के कारण कोई भी गाड़ी नहीं चल सकी और इलाके में अस्पताल या डॉक्टर न होने के कारण मामला और भी बिगड़ गया. मजबूर होकर जुबैर पैदल ही बेटी को कंधे पर उठा कर अस्पताल की तरफ चल पड़े. बीच रास्ते में ही मासूम शाजिया की अपने पिता के कंधे पर ही सांसे थम गईं. घटना के बाद सरकारी कर्मचारी भी इलाके में पहुंचे और परिवार को मदद देने का भी भरोसा दिलाया. कुछ राशन और गर्म कंबल दिए, लेकिन तब तक दो मासूम अपनी जान गंवा चुके थे. इस घटना से लोगो में गुस्सा है. लोगों का कहना है कि सरकार भले ही लोगों के लिए सुख सुविधा देने के बड़े बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीक़त यही है कि गरीब आज भी मर रहा है. भूख और ठंड से.
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