दुर्ग। क्लीयरेंस के दौरान चेक अनादरित हो गया लेकिन इसकी जानकारी खाताधारक को नहीं दी गई बल्कि चेक की राशि उसके खाते में जमा कर दी गई लेकिन 108 दिन बीतने के बाद ये कारण बताकर चेक की रकम वापस ले ली गई कि चेक जारीकर्ता के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया था। इसे सेवा में निम्नता ठहराते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 18 हजार रुपये हर्जाना लगाया।
ग्राहक की शिकायत
इंदिरा नगर सुपेला भिलाई निवासी रूपलाल साहू ने यूको बैंक के अपने खाते में 10 हजार रुपये का चेक समाशोधन हेतु जमा कराया। उक्त चेक परिवादी को पार्वती इंटरप्राइजेज के संचालक द्वारा प्रदान किया गया था, जो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सुपेला शाखा का चेक था। परिवादी के खाते में 10 हजार रुपये दिनांक 2 मार्च 2017 को जमा कर दिया गया, जिसके बाद परिवादी निश्चिंत हो गया किंतु 19 जून 2017 को अचानक परिवादी के यूको बैंक ने बगैर सूचना के 10 हजार रुपये खाते से डेबिट कर दिए। जिसका कारण पूछने पर यह बताया गया कि चेक जारीकर्ता के खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं था, इसीलिए चेक अनादरित होने से परिवादी की खाते से रकम डेबिट की गई है।
आयोग का फैसला
प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं प्रमाणों के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने उपभोक्ता के प्रति सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सेवा में निम्नता का कृत्य किया जाना प्रमाणित पाया। उपभोक्ता आयोग ने विचारण के दौरान यह अभिनिर्धारित किया कि चेक अनादरित होने की जानकारी 108 दिन बाद दिया जाना सेवा में निम्नता की श्रेणी में आता है। चेक के अदाकर्ता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने परिवादी के बैंक (यूको बैंक) को 108 दिन विलंब से सूचित किया कि चेक जारीकर्ता के खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण चेक अनादरित किया गया है जबकि चेक अनादरित होने की विधिवत सूचना नहीं मिलने के कारण परिवादी के यूको बैंक ने सदभाविक रूप से खाते में चेक की राशि को जमा कर दिया था किंतु वास्तव में अनादरित हुआ था इसीलिए 108 दिन बाद जमा रकम को डेबिट करना पड़ा। परिवादी के यूको बैंक ने आयोग के समक्ष सेंट्रल बैंक के साथ हुए ई-मेल वार्तालाप को पेश किया जिसके अनुसार हड़ताल एवं तकनीकी कारणों की वजह से चेक अनादरित होने की सूचना सेंट्रल बैंक ने नहीं भेजी। जिला आयोग ने हड़ताल एवं तकनीकी कारणों के कारण 108 दिनों जितना अधिक विलंब को उचित नहीं माना और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को सेवा में निम्नता, दोषपूर्ण कार्यशैली और लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने संयुक्त रूप से फैसला सुनाते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सुपेला शाखा पर 18 हजार रुपये हर्जाना लगाया, जिसके अंतर्गत चेक की राशि 10 हजार रुपये, मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति स्वरूप 6 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 2 हजार देना होगा, साथ ही चेक की रकम पर 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी प्रदान करना होगा।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031