जालंधर। गणतंत्र दिवस के दिन किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले में जबरन घुसकर तिरंगे की जगह धार्मिक झंडा लहराने वालों की पहचान हो गई है। मामले में दो युवकों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की टीम पंजाब के जालंधर में पहुंची। यहां तरन तारन में पुलिस ने युवकों के घर छापा मारा पर वे नहीं मिले। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर झंडा लगाने वाले युवक की पहचान घटना के अगले दिन ही हो गई थी। सूचना के मुताबिक युवक का नाम जुगराज सिंह है। ये जालंधर के तरन तारन का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि जुगराज के परिवार पर लाखों रुपए का कर्ज है। जुगराज मजदूरी करके आजीविका चलाता है। परिवार का कहना है कि जुगराज ने वही झंडा लगाया जो ट्रैक्टरों पर लगा हुआ था। परिजनों का कहना है कि जुगराज को ये भी नहीं पता कि लाल किले पर कब और कौन झंडा फहराता है। वहां ऐसा करना गुनाह है या नहीं ये उसे पता ही नहीं है। गौरतलब है कि जुगराज पर गणतंत्र दिवस के दिन धार्मिक झंडा लहराने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने जुगराज पर दंगा करने और देशद्रोह से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 26 जनवरी की रात को जुगराज के परिजनों से खालिस्तानी संगठन से संबंध को लेकर भी पूछताछ की थी। जुगराज के परिजनों का कहना है कि उसने जो कुछ भी किया जोश में किया है। वो धार्मिक कार्यक्रमों बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है।
जानियें क्या हुआ जब लाल किले पर धार्मिक झंडा लहराने वाले के घर पहुंची दिल्ली पुलिस…
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