अगर आप शादी के लिए गोल्ड जूलरी खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए गुड न्यूज है। पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बीते 8 दिनों में सोने में अच्छी खासी गिरावट आ चुकी है। वैश्विक बाजारों से लेकर घरेलू वायदा और घरेलू हाजिर बाजार में भी कीमतें गिरी हैं। गोल्ड ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी काफी गिरावट आई है।

5,670 रुपये सस्ता हुआ सोना

गुड रिटर्न्स के अनुसार, दिल्ली में 20 सितंबर को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,55,990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। आज सोमवार, 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,50,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। इस तरह 8 दिनों में सोने का हाजिर भाव 5,670 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गया है।

8 दिन में 15,000 रुपये टूटी चांदी

सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, 20 सितंबर को दिल्ली में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। वहीं, बुधवार सुबह चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी। इस तरह 8 दिन में चांदी का भाव 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गया है।

सोने-चांदी की वैश्विक कीमतों में बड़ी गिरावट

वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर 4,224.1 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। वहीं, चांदी की हालत इससे भी कमजोर रही। इसका भाव करीब 4 फीसदी लुढ़ककर 62.21 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक आ गया। डॉलर में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया। आम तौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग नजर आ रही है।

महंगे तेल से बन रहा गोल्ड पर दबाव

पीएल केपिटल में कमोडिटीज के हेड आशीष राजोडिया के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इस समय सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग को बढ़ाने के बजाय अमेरिकी फेड की सख्त पॉलिसी की आशंका को मजबूत कर रही हैं। उनके मुताबिक, महंगा तेल महंगाई का दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे में बाजार को डर है कि फेड ब्याज दरों को ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है। इसका असर डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर पड़ता है, जो सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव डालते हैं जिससे नियमित ब्याज नहीं मिलता। यानी इस बार तेल की तेजी सोने के लिए सपोर्ट बनने के बजाय उलटी पड़ गई है।

अक्टूबर में फिर बढ़ सकती है अमेरिकी ब्याज दर

बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक पर टिक गई है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, 68 फीसदी से ज्यादा बाजार प्रतिभागियों को उम्मीद है कि अक्टूबर में फेड 25 बेसिस पॉइंट की एक और बढ़ोतरी कर सकता है। आगे सोने की चाल दो बड़े घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। पहला, अक्टूबर में फेड ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला करता है। दूसरा, ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चल रही बातचीत वास्तव में तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ती है या नहीं।

आशीष राजोडिया का कहना है कि अगर फेड का रुख उम्मीद से नरम रहता है या ईरान-अमेरिका बातचीत से तनाव कम होने के पुख्ता संकेत मिलते हैं, तो सोने में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं, फेड के सख्त रुख और बातचीत के अटकने की स्थिति में सोने पर दबाव आगे भी बना रह सकता है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930