केरल : केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी और उनके दामाद व पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की याचिका को मंजूरी दे दी है। यह आदेश कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) माइनिंग कंपनी से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में आया है।
जस्टिस ए बदरुद्दीन ने वकील केएम शाहजहान की याचिका को मंज़ूरी दी। शाहजहान ने तर्क दिया था कि ED रिपोर्ट में बताए गए आरोपों पर शुरुआती जांच करने के बजाय पुलिस को FIR दर्ज करनी चाहिए। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि केरल की माइनिंग कंपनी ने “IT कंसल्टेंसी सर्विस” देने के नाम पर वीना टी की अब बंद हो चुकी कंपनी, एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस को कुल 2.78 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी वाला भुगतान किया था। जून में, ED ने तिरुवनंतपुरम में उस किराए के घर पर छापा मारा जहां वीना, विजयन के साथ रह रही थीं और बाद में उनसे पूछताछ की।
अगस्त में जारी एक बयान में, एजेंसी ने कहा कि उसने वीना से जुड़ी तलाशी के दौरान कुछ “हाथ से लिखे” नोट ज़ब्त किए थे, जिनमें दुबई में कुछ फंड ट्रांसफर का विवरण था। पूर्व पर्यटन मंत्री रियास ने कहा था कि वह और उनकी पार्टी ED के मामले का राजनीतिक और कानूनी तरीकों से मुकाबला करेंगे, जिसमें उनके घरों और उनसे जुड़े लोगों के व्यवसायों पर की गई तलाशी भी शामिल है। पिछले महीने, उन्होंने रिश्वत के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें मनगढ़ंत और अपनी बदनामी करने की कोशिश बताया था। उन्होंने कहा कि वह इस मामले से कानूनी तौर पर लड़ेंगे। उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया कि वीना ने ED के सामने आरोपों को स्वीकार कर लिया था, और उन्हें “सरासर झूठ” बताया। रियास ने कहा, “जो लोग जीवित लोगों का मांस खाने का आनंद लेते हैं और ED जांच के नाम पर लीक हुई ऐसी बेतुकी बातों का मज़ा लेते हैं, उन्हें अपना खेल जारी रखने दें। मैं कानूनी तौर पर इसका मुकाबला करूंगा।”



















