नई दिल्ली. ट्विशा शर्मा मर्डर केस पर 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब आरोपियों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर रोक लग गई है. यह रोक सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक रहेगी. कोर्ट ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने को कहा है.
ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े दहेज उत्पीड़न मामले में उनके पिता नवनीधि शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 16 अक्टूबर को सुनवाई हुई. इस याचिका में मामले की सुनवाई भोपाल की अदालत से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है. याचिका में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने और आरोपियों की ओर से सबूतों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई गई है.
राजधानी भोपाल के हाई प्रोफाइल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. ट्विशा के पिता ने केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है और उनकी इस मांग को लेकर 16 अक्टूबर को सुनवाई हुई. दरअसल, भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में 12 मई को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. ट्विशा के परिजन इसे हत्या बता रहे हैं, जबकि आरोपी पक्ष इसे आत्महत्या करार दे रहा है.
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल में अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं थीं. वह 33 साल की थीं. उन्होंने 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से शादी की थी. उनकी मौत के बाद, ट्विशा के परिवार वालों ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया. शुरुआत में, उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और दहेज निषेध अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.



















