नई दिल्ली। चमोली जिले के रैणी में ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा नदी में भारी सैलाब आ गया। ये सैलाब सप्तऋषी और चंबा पहाड़ के बीचो-बीच सबसे निचले हिस्से में ग्लेशियर टूटकर गिरने की घटना सामने आई। इस मामले में रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एलके सिन्हा ने बताया कि इनकी टीम ने घटना के बाद उस स्थान पर हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद ये बात सामने आई कि एक लटकता हुआ ग्लेशियर मुख्य ग्लेशियर से अलग हो गया। ये संकरी घाटी में नीचे आ गया। इस ग्लेशियर ने संकरी घाटी में एक झाील की रचना की। बाद में यही झील फट गई जिससे घाटियों से होते हुए सैलाब बहने लगा। यही नुकसान का कारण बनीं। डॉ. सिन्हा ने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा घटना का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो टीम फिर वहां डेटा इक_ा करने जाएगी। रैणी गांव व उसके आसपास सैलाब से भारी तबाही के बाद हेलीकॉप्टर द्वारा राहत सामग्री बांटी जा रही है। उसी हेलीकॉप्टर से उन घाटियों का एयरियल व्यू शूट किया गया है जहां से होकर सैलाब तेजी से आगे बढ़ा था।
Previous Articleखेल-खेल में 8 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत
Next Article शहद के उत्पादन से कृषकों के जीवन में आ रही नई मिठास
Related Posts
Add A Comment



















