बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना को बड़ी चोट पहुंचाई है। BLA की स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वॉड ने बलूचिस्तान प्रांत के पसनी के कुबरी इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के मेजर रैंक एक अधिकारी समेत 7 जवान शहीद हुए। BLA ने दावा किया कि सेना के काफिले में तीन गाड़ियां थीं। इनमें से एक गाड़ी पर रिमोट कंट्रोल से चलने वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हमला किया गया।
BLA की कार्रवाई में मेजर सहित सेना के 7 जवानों की मौत
BLA ने बताया कि धमाके में गाड़ी पूरी तरह से तबाह हो गई। उसमें सवार सात सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। BLA ने दावा किया इस हमले में पाकिस्तानी सेना के मेजर वजाहत भी मारे गए। BLA ने अपने बयान में कहा कि वह बलोचिस्तान को स्वतंत्र और संप्रभु बनाने और पाकिस्तानी सेना की वापसी तक अपने अभियान जारी रखेगा।
पाकिस्तानी सेना ने हमले का कनेक्शन भारत से जोड़ा
वहीं, अपने आंतरिक मसलों को सुलझाने में नाकाम रही पाकिस्तानी सेना और सरकार ने इस हमले का कनेक्शन भारत से जोड़ा है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ISPR ने अपने बयान में बताया कि सुरक्षा बलों ने ग्वादर के शादी कौर और पसनी इलाकों और कलात जिले के जट्टकाबाद में कई अभियान चलाए। यह कार्रवाई ‘फितना-अल-हिंदुस्तान’ के कई ठिकानों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद की गई।
दरअसल, पाकिस्तान ने अपने यहां मौजूद कई उग्रवादी व चरमपंथी संगठनों का रिश्ता भारत से जोड़ता आया है। लिहाजा पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान स्थित समूहों को ‘फितना-अल-हिंदुस्तान’ का नाम दिया है, ताकि पूरे पाकिस्तान में आतंकवाद और अस्थिरता फैलाने में भारत की भूमिका को उजागर किया जा सके।
18 अक्टूबर को पाक सेना ने जट्टकाबाद इलाके में कार्रवाई की
पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 18 अक्टूबर को हुए पहले अभियान में सुरक्षा बलों ने जट्टकाबाद के आसपास के इलाके में एक खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान चलाया, जिसमें चार आतंकवादी मारे गए। इस दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। ISPR ने आगे कहा कि सुरक्षा बल और कानून लागू करने वाली एजेंसियां देश से विदेशी प्रायोजित और समर्थित आतंकवाद के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



















