अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने ऐसी बढ़त हासिल की, जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की थी। इस बढ़त ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्सास में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिसे रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता था, वहां डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने सीनेट की सीट जीतकर इतिहास बना दिया। इस नतीजे से अमेरिका की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। ट्रंप ने पार्टी की हार का जिम्मा खुद चुनावी मैदान में न होने पर डाल दिया, लेकिन साथ ही उन्होंने विपक्ष से सहयोग करने का इशारा भी किया।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: ताजा नतीजे
प्रतिनिधि सभा (House of Representatives)
| चुनावी स्थिति | डेमोक्रेट्स | रिपब्लिकन |
|---|---|---|
| जीती हुई सीटें | 186 | 114 |
| बढ़त वाली सीटें | 69 | 59 |
| बहुमत के लिए जरूरी सीटें | 218 | 218 |
| अभी परिणाम बाकी | 7 | 7 |
सीनेट (Senate)
| चुनावी स्थिति | डेमोक्रेट्स | रिपब्लिकन |
|---|---|---|
| कुल सीटें | 52 | 40 |
| बढ़त वाली सीटें | 2 | 5 |
| बहुमत के लिए जरूरी सीटें | 51 | 51 |
| अभी परिणाम बाकी | 1 | 1 |
टेक्सास में 32 साल का इंतजार खत्म
टेक्सास में डेमोक्रेट्स की जीत ने 32 साल का इंतजार खत्म कर दिया। जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया और अब टेक्सास से अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स का प्रतिनिधित्व होगा। तीन दशक से ज्यादा समय बाद वहां डेमोक्रेट्स की यह जीत काफी बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि 2024 में राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने टेक्सास में जबरदस्त बढ़त बनाई थी। ऐसे में यह जीत रिपब्लिकन पार्टी के लिए झटका है।
ट्रंप बोले- मैं चुनाव में होता तो जीत बड़ी होती
ट्रंप ने चुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर लिखा-अगर मैं खुद मैदान में उतरता तो जीत कहीं बड़ी होती। उन्होंने दावा किया कि रिपब्लिकन पार्टी की हार उसी वजह से हुई। हालांकि, ट्रंप ने पार्टी के कमजोर प्रदर्शन पर ज्यादा कुछ नहीं कहा।
ट्रंप ने मंगलवार रात द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में चुनाव परिणाम स्वीकार करने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि वह नतीजों को पूरी तरह मानने के लिए तैयार हैं और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं। उनके मुताबिक, दोनों दल किसी साझा रास्ते पर पहुंच सकते हैं।
सीनेट और राज्यों में भी डेमोक्रेट्स का दम
सीनेट और अलग-अलग राज्यों में डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन भी शानदार रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर, साउथ कैरोलिना में एनी एंड्रयूज जीत गए। प्रतिनिधि सभा में पेंसिल्वेनिया, न्यू जर्सी, केंटकी और नॉर्थ कैरोलिना में भी डेमोक्रेट्स की जीत हुई। जॉर्जिया में गवर्नर कीशा लांस बॉटम्स की जीत पार्टी के लिए मजबूत संकेत है।
संसद में ट्रंप प्रशासन पर बढ़ सकता है दबाव
अब संसद में ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है। मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच होते हैं—इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों पर चुनाव होता है। अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा नियंत्रण में ले लेते हैं, तो संसद की समितियों में उनकी ताकत बढ़ेगी। ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर जांच, अधिकारियों से सवाल-जवाब और सरकारी दस्तावेजों की मांग जैसे दबाव आ सकते हैं। वैसे, कानून पास कराने के लिए राष्ट्रपति और सीनेट की भूमिका अहम रहेगी।
रॉयटर्स ने चुनावी समीक्षा में बताया कि महंगाई और जीवन-यापन की लागत मतदाताओं की सबसे बड़ी चिंता थी। आगे चलकर, यही मुद्दे अमेरिकी राजनीति को नई दिशा देंगे।



















