मुंबई : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। लोजपा भी एनडीए का हिस्सा है और यूपी में बीजेपी की सरकार है। लोजपा (आर) के इस फैसले से महाराष्ट्र एनडीए में प्रतिक्रिया आई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता आनंद दुबे ने भी चिराग पासवान का समर्थन किया है। दुबे ने एएनआई से बातचीत में कहा कि चुनाव लड़ना हर किसी का अधिकार है। अगर एनडीए में साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति नहीं बनती है तो हम चुनाव लड़ सकते हैं।
NDA घटक दलों ने मांगी सीटें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में शामिल राजनीतिक दलों ने बीजेपी से सीटों की मांग की है। एनडीए के कई सहयोगी दल जेडी यू, लोजपा, आरपीआई जैसे दलों ने सीटों की मांग की है। जेडी यू नेता और बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार यूपी में सभा कर चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी उत्तर प्रदेश में स्थानीय सहयोगी दलों रालोद, निषाद पार्टी, सुभासपा और अपना दल से ही तालमेल करेगी। लोजपा के साथ वह चुनावी समझौता नहीं करेगी। चिराग पासवान ने एक बयान जारी कर कहा कि अगर बीजेपी उन्हें यूपी में सीटें नहीं देगी तो कुल 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।
जनता तय करेगी किसे वोट दें
इस बयान पर शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि चिराग पासवान NDA का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार में शामिल हैं और उनकी अपनी लोक जनशक्ति पार्टी है। मुझे लगता है कि वह कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं। हम चुनाव लड़ सकते हैं तो वह भी लड़ सकते हैं। हम एनडीए परिवार का हिस्सा हैं। सबसे पहले हम साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश करते हैं। अगर बात नहीं बनती है, तो हम अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं। यह एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। चुनाव लड़ना हर किसी का अधिकार है। किसे वोट देना है और किसे नहीं, यह तय करने का अधिकार जनता का है।



















