महाराष्ट्र के मंत्री हसन मुश्रीफ गोकुल डेयरी (कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ) में अध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी गतिरोध के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस गतिरोध के लिए महायुति सरकार द्वारा 5 विशेषज्ञ निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी देने के फैसले का समर्थन किया है. इस पैनल का नेतृत्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ही करेंगे. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है.
मुश्रीफ ने कहा कि गोकुल चुनाव में सदस्यों ने चौंकाने वाला जनादेश दिया, जिसके चलते गतिरोध खत्म करने के लिए यह फैसला लेना पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा विशेषज्ञ निदेशक नहीं बनने वाला है.
मुश्रीफ ने बताया सरकार ने क्यों लिया ये फैसला
हसन मुश्रीफ ने कहा, “14 सदस्यों का कोरम पूरा हुए बिना गोकुल का चेयरमैन नियुक्त नहीं किया जा सकता. 12 सदस्य अनुपस्थित थे, इसलिए कोरम पूरा नहीं हो सका और चेयरमैन की नियुक्ति नहीं हो पाई. इसके चलते प्रशासक नियुक्त करने की नौबत आ गई. यह पूरा मामला गतिरोध का था. इसे खत्म करने की जिम्मेदारी सरकार की थी. लोकतंत्र को बरकरार रखने और साढ़े पांच लाख दूध उत्पादक किसानों को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने पांच सरकार-नियुक्त सदस्यों की नियुक्ति का फैसला लिया.”
राहुल गांधी के ट्वीट पर मुश्रीफ का जवाब
राहुल गांधी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुश्रीफ ने कहा कि उन्हें हर जगह वोट चोरी ही दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि गोकुल चुनाव में सदस्यों ने चौंकाने वाला जनादेश दिया. 14 सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने के कारण चेयरमैन की नियुक्ति नहीं हो सकी और प्रशासक नियुक्त करने की नौबत आ गई. यह पूरा मामला गतिरोध का था.
मुश्रीफ ने आगे कहा, “अगर 25 लोगों के हाथ में संस्था का कामकाज सौंपना है, तो इस समय यह गतिरोध सिर्फ सरकार ही दूर कर सकती थी. हम 12 लोग विपक्ष में हैं और जनता ने हमें विपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. जनता ने हमें यह संदेश नहीं दिया है कि हम बैठक में जाएं और चेयरमैन उनका बनाएं. इसलिए इस गतिरोध को खत्म करने की जिम्मेदारी सरकार की थी.” उन्होंने बताया कि इस कानून का दायरा उन संस्थाओं पर लागू होगा, जिनका कारोबार 500 करोड़ रुपये का है.
राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला
कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल में महायुति की करारी हार के बावजूद फडणवीस सरकार ने पिछले दरवाजे से सरकार-नियुक्त निदेशकों को शामिल कर बहुमत पर कब्जा कर लिया है. इसके बाद अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी गोकुल के मुद्दे पर मैदान में उतर आए हैं. राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला और कहा कि वोट चोरों को यह याद रखना चाहिए कि किसान कभी नहीं भूलते.दूध उत्पादकों के वोट पर डाका
राहुल गांधी ने कहा- ये वोटों पर डाका
“गोकुल में दूध उत्पादकों ने बीजेपी को हराया. इसके बाद चुनाव के बाद बीजेपी ने नियम ही बदल दिए. जबरन 4 अतिरिक्त निदेशकों को शामिल किया, कुल संख्या 12 से बढ़ाकर 16 कर दी और बहुमत पर कब्जा कर लिया. यह दूध उत्पादकों के वोटों पर डाका है. यह जनादेश के साथ की गई हेराफेरी है.बीजेपी इतनी हताश हो गई है कि सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. जिन लोगों ने दूध उत्पादकों के वोट चुराए हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि किसान कभी नहीं भूलते.”
सतेज पाटील ने राहुल गांधी का आभार जताया
इस बीच, राहुल गांधी द्वारा गोकुल के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने के बाद गोकुल में राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी के नेता और विधायक सतेज पाटील ने उनका आभार जताया है.सतेज पाटील ने कहा, “जिले के साढ़े पांच लाख किसानों की आवाज बनने के लिए राहुल जी आपका धन्यवाद. गोकुल का जनादेश किसानों का जनादेश है. हम अदालत में भी और सड़कों पर भी लड़ाई लड़ेंगे.”इस बयान के साथ ही उन्होंने गोकुल के मुद्दे पर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है.



















