साहिबाबाद (गाजियाबाद)। गाजियाबाद में इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात अचानक हुए ब्लास्ट को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं। रात करीब 10 बजे अचानक हुए ब्लास्ट से दो कमरों की खिड़कियां टूट गईं और दीवार में दरारें भी आईं।
वहीं, शनिवार सुबह मौके पर पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़ भी पहुंचे। उनके अलावा आईबी समेत अन्य एजेंसियां भी जांच के लिए पहुंची हैं। पुलिस की जांच में नया तथ्य सामने आया है कि एलिवेटेड रोड से विस्फोटक फेंका गया था। कमिश्नर ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
किसने ली जिम्मेदारी?
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के एक संगठन ने ली है। संगठन की ओर से लिखा गया कि हम आज एलान करते हैं। हिंदू फासिस्ट सरकार के खिलाफ अपने ऑपरेशन में, हमने गाजियाबाद में पुलिस को निशाना बनाया है।
संगठन ने लिखा, ‘हमारे फैसले की वजह बिल्कुल साफ होनी चाहिए। हमें भी अपने होने की रक्षा करने, अपने घरों और पूजा की जगहों की रक्षा करने और अपने विश्वास और अपनी सभ्यता की रक्षा के लिए विरोध करने का हक है। जो सिस्टम हमारी औरतों और बच्चों को असम के डिटेंशन कैंप में बंद करता है, जो हमारे मोहल्लों में बुलडोजर भेजता है, और हमारे कातिलों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाता है- हमें भी उसे उसी की भाषा में जवाब देने का हक है। आज, इस फासिस्ट सरकार का हर हाथ- पुलिस, सेना, न्यायपालिका, नगर पालिका- हमारे खिलाफ हो रहा है। इसलिए हम इस सरकार को नाजायज घोषित करते हैं।’
संगठन ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘हम हिंदू जनता से यह भी कहते हैं कि जो नेता, अफसर, यहां तक कि कॉन्स्टेबल- मुसलमानों पर जुल्म करता है, वह ब्रिटिश सेनाओं की तरह विदेश से यहां नहीं आया है। वह आपके ही समाज का प्रोडक्ट है, और वही इस सिस्टम को जिंदा रखता है। इसलिए आप इस ज़ुल्म में बराबर के हिस्सेदार हैं। और कल, जब आग तुम्हारे घरों तक पहुंचे, तो इल्जाम हम पर मत लगाना, बल्कि हमें इल्जाम देने के बजाय, आज अपने लीडर्स को जिम्मेदार ठहराना।’
पोस्ट में लिखा, ‘हम अपनी प्यारी उम्माह से कहते हैं- तुम्हारी खातिर, हमने खुद को कफन में लपेट लिया है। चिंता मत करो और डरो मत कि ये मिलिट्री एक्शन हालात और खराब कर सकते हैं।’
पोस्ट में आगे लिखा, ‘इससे बुरा और क्या हो सकता है कि हमारे दुश्मन हर दिन खुलेआम हमारे प्यारे पैगंबर की बेइज्जती करें? इससे बुरा और क्या हो सकता है कि हजारों की संख्या में हमारी पूजा की जगहों को तबाह कर दिया जाए? इससे बुरा और क्या हो सकता है कि हमारे सफेद दाढ़ी वाले बुज़ुर्गों को “JSR” चिल्लाने के लिए मजबूर किया जाए और हमारी बहनों को भगवा प्यार के जाल में फंसाया जाए?’
इस पोस्ट में आगे लिखा, ‘जिस बाग में हमारी इज्जत की रक्षा न हो सके, उसे जला देना ही बेहतर है। यह नामुमकिन है कि हमारा दुश्मन शांति और आराम से रहे, जबकि हमारी उम्माह तकलीफ में तड़प रही हो। हम जल्द ही एक नए ऑपरेशन और मैसेज के साथ वापस आएंगे इंशाअल्लाह।’
संगठन ने एक्स पर पोस्ट कर ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। जिस अकाउंट से की पोस्ट की गई है, उसके दो फॉलोअर हैं। अगस्त 2025 में यह अकाउंट बना है।



















