रायपुर। शासन द्वारा दिए गए महत्वकांक्षी योजना ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य परियोजना कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा शिक्षकों को आपस में अकादमिक सहयोग सहायता देने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन अध्यापन के साथ-साथ स्कूल ब्लॉक जिला एवं राज्य स्तर पर भी बहुत सारे, अनेकों कार्य एवं अन्य शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा विभाग के अनेकों कार्य में सहयोग दे रही है। आज हम ऐसी पांच महिला शिक्षिकाओं से आपका परिचय करवाते हैं।
मुश्किलों में भी जो मुस्कुरा कर निकलें, रोड़े भी राह छोड़े।
माँ शक्ति की प्रतिरूप, हो घड़ी कैसी कभी न हिम्मत छोड़े।।
इस कोरोनाकाल के विपरीत घड़ी में जब घर से निकलना मुश्किल हुआ, तो भी ऑनलाइन, ऑफलाइन माध्यम हर तरीके से विद्यार्थियों को लाभान्वित करने में समस्त शिक्षक समुदाय जुटा रहा। महिला शिक्षिकाओं ने भी कोई कसर न छोड़ी। इसी कड़ी में आज हम अलग-अलग जिलों की उन शिक्षिकाओं का परिचय करवाने जा रहे है,जो न केवल ऑनलाइन, ऑफलाइन, बल्कि शालास्तर, से जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय शिक्षा विभाग के कार्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। साथ ही नवाचार कर एक मुकाम भी बनाये, जो न केवल एक स्कूल, एक जिले तक ही सीमित नही है बल्कि इनके कार्यों की वजह से एक पहचान भी है।
सबसे पहले हम नीलम कौर मेम जी के बारे में बताएंगे।
नीलम कौर-
डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन होने के नाते पिछले चार वर्षों से नीलम कौर ने एक व्हाट्स एप्प ग्रुप बनाया है जिसमे जिले के 99 प्रतिशत टीचर्स है जिसका उपयोग सबसे ज्यादा कोरोना काल में तब हुआ, जब पूरे जिले की ऑनलाइन क्लास लिया गया जिसमें टाईमटेबल से लेकर किस टीचर को क्या टॉपिक देना है नीलम कौर ही लीड करती थी जिससे सबकी सहायता से कोर्स भी हो गया और किसी भी एक शिक्षक पर बोझ भी नही आया, उसके पश्चात राज्य से नीलम कौर को इंग्लिश विषय का अप्रोवर का काम मिला, राज्य के साथ उन्होंने पावर पॉइंट ट्रांसलेशन का काम भी किया, पढ़ई तुंहर द्वार के इंग्लिश ब्लॉग लेखन को लीड नीलम कौर ही करती है, इसके साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की 11 महिला शिक्षिकाओं के साथ मिलकर एक स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम अंगना में शिक्षा भी शुरू किया जिसमें दुर्ग जोन की जिम्मेदारी उनको मिली जिसमे बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा और दुर्ग शामिल है, इसके साथ साथ उन्हें बालोद जिले में सबसे ज्यादा शंका समाधान करने वाली शिक्षक होने के कारण हमारे नायक में भी स्थान मिला।
स्वाति पांडेय –
शिक्षिका स्वाति पांडेय जो मुंगेली जिले के करही गांव में इग्नाइट अंग्रेजी माध्यम में अध्यापन कराती हैं। कोविड-19 प्रोटोकाल के शुरुआती दौर से ही हार ना मानने वाली शिक्षिका अपने परसेंट विद्यार्थियों की शिक्षा को ध्यान में रखकर लगातार ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कक्षाएं संचालित करती रही। साथी बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए घर-घर जाकर बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे हेतु अनेकों प्रयास किए। इनका कार्य इतना सराहनीय एवं प्रशंसनीय रहा कि दैनिक भास्कर के मुख्य पृष्ठ के 12 जिलों पर इनके कार्यों को प्रकाशित किया गया । इसके अलावा राज्य स्तर द्वारा संचालित टायपेडागाजी ग्रुप को लीड कर रही हैं इसके साथ ही आगमेंटेट रियालिटीपर राज्यस्तरीय वेबीनार आयोजित कर चुकी हैं एवं चर्चा पत्र सिलेक्शन टीम में शामिल है।
के.शारदा –
शिक्षिका के.शारदा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खेदामारा, दुर्ग ब्लॉक में कार्यरत है। कोरोना संकट के समय उनके द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेस लिए गए। 340 ऑनलाइन क्लास ले चुके हैं 5000+ लाभान्वित हुए हैं। कार्टून वीडियोस ,podcast औरYouTube के द्वारा यह कक्षा छठवीं से 12वीं तक की गणित कक्षाओं का संचालन करती हैं। इसके अलावा राज्य के द्वारा संचालित कार्यों में जैसे podcast में तथा चर्चा पत्र और टी एल एम सिलेक्शन टीम में है। शिक्षा विभाग के द्वारा दिए गए कार्यों में भी अपनी भूमिका सराहनीय ढंग से निभा रही हैं।
रीता मंडल-
शिक्षिका रीता मंडल जोकि पी जी उमाठे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कन्या शांति नगर रायपुर में कार्यरत है। ऑफलाइन क्लास संचालित करने के साथी इनके द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है । साथ ही निखार कार्यक्रम मास्टर ट्रेनर का कार्य कर रही हैं एवं अंगना में शिक्षा रायपुर संभाग का नेतृत्व कर रही हैं। टी.एल.एम. चयन टीम में भी है। आप बहुत ही सक्रिय शिक्षक है जो हर तरह: से बच्चो के लिए समर्पित है। हमारे नायक में भी आ चुकी है। नवाचारी शिक्षक के रूप में आपकी एक अलग ही पहचान है।
शालिनी पंकज दुबे
श्रीमती शालिनीपंकज दुबे जो कि बेमेतरा जिले से है। साजा ब्लॉक के कारेसरा मिडिल स्कूल में पदस्थ है साथ ही साहित्यकार भी है। 2016 से लगातार साहित्य का सफर जारी है। छंदमुक्त कविता, दोहे, क्षणिका, गजल, कहानी और उपन्यास विविध विद्याओं में साहित्य लेखन। कोरोना महामारी की वजह से इस बार 15 अगस्त में बच्चों के बिना स्कूल प्रांगण सुना-सुना था। तब इन्होंने स्कूल से ही झंडारोहण का लाइव प्रसारण दिखाया।
ऑनलाइन क्लास में पीपीटी के द्वारा प्रभावी शिक्षण ऑफलाइन क्लास लेना। जिलास्तरीय टीम में भी जुड़कर बच्चों को लाभान्वित किया गया। राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखन का कार्य भी किया गया। चर्चा पत्र, चर्चापत्र पॉडकास्ट टीम में भी कार्य कर रही है। टी.एल.एम. चयन टीम में है। टॉय पेडागोजी में भी कार्य किया गया व लर्निग आउटकम पर इनके बनाये टॉय का टॉय फेयर 2021 एससीइआरटी में चयन भी हुआ। ‘विज्ञान की अनोखी दुनिया’ इस नाम से यूट्यूब चैनल है जिसमे बच्चों के लिए कार्टून वीडियो लर्निग आउटकम पर अवधारणा पर बनाये गए है। ‘विज्ञान की अनोखी दुनिया’ इनका इनोवेटिव वर्क है जिसमें अन्य जिले के शिक्षक व विद्यार्थी भी जुड़ते है। इन्हें बेमेतरा जिले से प्रथम महिला शिक्षिका में हमारे नायक में स्थान मिला। इनके द्वारा 129 शंका समाधान व अभी तक 236 ऑनलाइन क्लास लिए गए है। साथ ही ऑनलाइन टेस्ट भी गूगल फॉर्म द्वारा लिया जाता है। दुर्ग से मास्टर के रूप में प्रशिक्षण के बाद’अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम का बेमेतरा जिले में सबसे इन्होंने कारेसरा में आयोजन किया। श्रीमती नीलम कौर, के. शारदा, स्वाति पांडे, रीता मंडल, शालिनी दुबे, आप सभी शिक्षिकाओं ने हमारे नायक में स्थान बनाकर अपने जिले को गौरवान्वित किया है।
मुश्किलों में भी जो मुस्कुरा कर निकलें, रोड़े भी राह छोड़े। माँ शक्ति की प्रतिरूप, हो घड़ी कैसी कभी न हिम्मत छोड़े।।
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