रायपुर। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखंड के मंगनार का गौठान जहां, दोपहर के समय मवेशी साल वृक्षों के नीचे आराम करते दिखते हैं, वहीं इसी जगह बने शेड में महिलाएं अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए काम करती हुई दिखती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण ग्राम सुराजी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सपना मंगनार में साकार होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस वर्ष 26 जनवरी को विकासखण्ड बकावण्ड के ग्राम मंगनार स्थित गौठान का अवलोकन किया था। मंगनार में गौठान के निर्माण के बाद यहां पशुओं के लिए पेयजल, चारागाह का निर्माण भी किया गया है। इसके लिए यहां लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में नेपियर की घास लगाई गई है। पशुओं के पीने के लिए पानी की भी अच्छी व्यवस्था है। गौठान में मिलने वाली सुविधाओं के कारण मवेशियों को यहां रहने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है। मवेशियों के गोबर से केंचुआ खाद बनाने का कार्य प्रारंभ करने के साथ ही गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद पशुपालकों से भी गोबर खरीदकर खाद सहित गमला, दीया आदि सामग्री का निर्माण किया जा रहा है। मंगनार गौठान में महिलाओं द्वारा केंचुआ खाद बनाने के साथ ही केंचुओं की बिक्री का कार्य भी किया जा रहा है। इसी परिसर में महिलाएं मछलीपालन, मधुमक्खी पालन, नर्सरी कार्य, दिया निर्माण, कुक्कुट पालन, दोना पत्तल निर्माण, केले की खेती और मशरुम उत्पादन जैसे विभिन्न कार्य भी कर रही हैं। पंचवटी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा अब तक चार लाख रुपए से अधिक का खाद सहित 3 लाख 84 हजार रुपए का केंचुआ भी विक्रय किया गया है। सामूहिक बाड़ी का कार्य कर रही देवांशी महिला स्व-सहायता समूह ने भी एक लाख 83 हजार रुपए की सब्जी का उत्पादन किया जा चुका है। यहां निशा स्व-सहायता समूह द्वारा मछली पालन, अलेख महिमा स्व-सहायता समूह द्वारा मधुमक्खी पालन का कार्य तथा झाड़ी बैरी माता स्व-सहायता समूह द्वारा पौधे तैयार करने का कार्य किया गया। इसी तरह अन्य महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा गोबर से गमले, दीये और कुक्कुटपालन, मशरूम उत्पादन तथा दोना पत्तल निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031