
पर्यावरण प्रेमी किररिहा ने किया शहीद के परिजनों को पीपल का पौधा भेंट
रायपुर। वैसे तो हर कोई हर त्यौहार को लोग अपने अंदाज से मनाते है, लेकिन एक युवा ने आजादी के अमृत महोत्सव को एक अलग ही अंदाज में मनाया। उन्होंने कहा कि मैं हर त्यौहारों में एक अलग अंदाज में मनाना पसंद करता हूं। देश की 75वीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस युवक ने शहीद के परिजनों को पीपल का पौधा भेंट कर उसकी देखरेख और सुरक्षा करने की बात कही। इस वर्ष 2021 की स्वतंत्रता दिवस का देश का बहुत ही खास महत्व था क्योंकि इस वर्ष देश आजादी के 75वीं वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में इसका महत्व और बढ़ जाता है। देश इस वर्ष आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है और प्रत्येक नागरिक में इसकी अलग ही खुशी छाई हुई है। बाराद्वार थाना के ग्राम किरारी में एक ऐसा युवक है जो अपने प्रत्येक त्यौहार को अद्भूत बनाने की चाहत रखता है। इस वर्ष अप्रैल में छत्त्तीसगढ़ के सकुमा में नक्सली हमले में हमारे वीर सैनिकों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इसी सैनिक टोली में जांजगीर चापा के मालखरौदा तहसील के ग्राम पिहरीद के वीर जांबाज सिपाही अमर शहीद दीपक भारद्वाज भी शामिल थे, जो उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। नक्सली हमले में वो भी देश के सुरक्षा के लिए अपनी प्राण के आहुति दे दी। इन्ही के परिवार से मुलाकात करने पहुंचे ग्राम किरारी (बा.) के युवा दिग्वजय राठौर किररिहा जो स्वयं पर्यावरण प्रेमी होने के नाते शहीद के पिता को भेंट स्वरूप एक पीपल का नन्हा पौधा सौंपा और कहा कि आप इस पौधे को अपने शहीद बेटेे के नाम पर रोपित करे और इसकी रक्षा करें। अपने इस छोटी सी आयु में इस युवा ने जो किया इसकी सराहना करते हुए शहीद के पिता ने कहा कि आपकी सोच को सलाम है। आप हमउम्र के युवकों से अलग विचारधारा रखते हुए समाज को सकारात्मक कार्य की ओर जाने के लिए प्रेरित कर रहे है। पर्यावरण के हो रहे विनाश को आपने भली भांति समझा ही नही बल्कि इसे सुधारने के लिए इस तरह के प्रेरणादायक कार्य कर रहे है, इसके लिए आपका धन्यवाद। आपको बता दे कि सावन के पहले सोमवार को इन्होने अपने साथी के साथ मिलकर तुर्रीधाम परिसर को भी साफ कर स्वच्छता का संदेश लोगों के बीच पहुंचाया। पर्यावरण प्रेमी किररिहा ने बताया कि वो अपने त्यौहार को एक अलग अंदाज में मनाना पसंद करते है और अपने त्यौहार को पारंपरिक तौर पर बढिय़ा बनाना चाहते है। लोगों में जागरुकता लाए और प्रकृति के साथ मिलकर रहे।


















