रायगढ़ । सराईपाली से सारंगढ़ नेशनल हाईवे 153 जिसकी लंबाई लगभग 40 किलोमीटर है, जो भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत वर्ष 2015-16 से है। इंसका निर्माण कार्य कछुए की गति से चल रहा है। अब तक 20 फीसदी ही कार्य हुआ है। इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यालय का कोई अता पता नहीं मिला। दुर्भाग्य की बात है कि महासमुंद जिले में नेशनल हाईवे के अधिकारी मौजूद नहीं रहते। इस संबंध में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 3 से ग्राम केदूंवा निवासी माधव दास ने बताया कि बहुत समय से यह सड़क खराब है। जनप्रतिनिधियों को भी इस मार्ग के लिए अवगत कराया गया, इसके बावजूद भी निर्माण कार्य को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों बरसात के दिनों में कीचड़ और गरमी में धूल से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इस मार्ग के अगल बगल गांव में रहने वाले ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
अभियंता के पास नहीं है जवाब
जर्जर सड़क में अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के लिए विवश हैं। बहरहाल सराईपाली से सारंगढ़ सड़क निर्माण से लाखों लोगों को फायदा होगा। वहीं व्यापार भी बढ़ेगा और 40 किलोमीटर की जर्जर सड़क से क्षेत्रवासियों को मुक्ति मिलेगी। सड़क निर्माण में तेजी लाने की आवश्यकता है। लोगों की माने तो जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ ठेकेदार से सेटिंग का खेल खेल कर नोट कमाने में लगे हैं। यही कारण है कि 5 वर्ष के दौरान सिर्फ 20 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। जो काम हो रहा है उसे देखने के लिए इंजीनियर कभी आते नहीं। कार्यपालक अभियंता लापता है। हद तो तब होती है जब इस मामले में पूछने पर कार्यपालक अभियंता पल्ला झाड़ कर फोन काट देते हैं।


















