छत्तीसगढ हिन्दू महासभा (किसान मोर्चा) के प्रदेश अध्यक्ष दिपक साहू ने सभी जिंदा, स्वाभिमानी, धर्म रक्षक सनातनी हिंदूओं को धार भोजाशला को विधर्मीयो से मुक्त कराने के लिए 14 जनवरी 2023 को भव्य आंदोलन में आमंत्रण किया है. उन्होंने बताया है की अयोध्या , काशी, मथुरा के बाद अब मध्यप्रदेश धार भोजशाला के गर्भगृह में माता सरस्वती के मूर्ति स्थापित करके विधर्मीयो से मुक्त कराना है जो राजा भोज (1000-1055 ई.) परमार राजवंश के सबसे बड़े शासक, जो शिक्षा एवं साहित्य के अनन्य उपासक थे, उन्होंने धार में एक महाविद्यालय की स्थापना की, जिसे बाद में भोजशाला के रूप में जाना जाने लगा, जहां दूर और पास के अनेक छात्र अपनी बौद्धिक के लिए आते थे । इस भोजशाला में सरस्वती मंदिर है 1305 से 1401 के बीच अलाउद्दीन खिलजी तथा दिलावर खां गौरी की सेनाओं से माहलकदेव और गोगादेव ने युद्ध लड़ा। 1401 से 1531 में मालवा में स्वतंत्र सल्तनत की स्थापना। 1456 में महमूद खिलजी ने मौलाना कमालुद्दीन के मकबरे और दरगाह का निर्माण करवाया जिसे बाद मस्जिद में परिवर्तित कर दिया था, उनके अवशेष अभी भी प्रसिद्ध कमाल मौलाना मस्जिद में देखे जा सकते हैं । मस्जिद में एक बड़ा खुला प्रांगण है जिसके चारों ओर स्तंभों से सज्जित एक बरामदा एवं पीछे पश्चिम में एक प्रार्थना गृह स्थित है । मस्जिद में प्रयुक्त नक्काशीदार स्तम्भ और प्रार्थना कक्ष की उत्कृष्ट रूप से नक्काशीदार छत भोजशाल के थे । मस्जिद की दीवारों में लगी शिलाओं पर उत्कीर्ण मूल्यवान रचनाएं पुनर्प्राप्त की गई हैं.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031