धरती कब बनी, ये तो किसी इंसान ने नहीं देखा है, पर इसका अंत कब होगा ये इंसान जरूर देख लेंगे. वो इसलिए कि वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया है कि धरती का खात्मा कम होगा. सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि पृथ्वी (How will earth end) के अंत में इंसानों का बहुत बड़ा योगदान होगा. कंडीशन्स ऐसी बन जाएंगी की धरती नष्ट (How Earth Will Be Destroyed) हो जाएगी. वैज्ञानिकों ने तो उस साल का भी खुलासा कर दिया है, जब उन्होंने अंदाजा लगाया है कि धरती खत्म हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं.
खास घड़ी बताती है इंसान की वजह से धरती खत्म होने का वक्त – 1940 के दशक में इस घड़ी ने न्यूक्लियर हथियारों को धरती के लिए सबसे खतरनाक बताया था. 2007 में घड़ी ने जलवायु परिवर्तन को खतरा बताया था क्योंकि उससे समुद्र का स्तर बढ़ सकता है. हाल ही में इस घड़ी के कांटे को आगे बढ़ाया गया है जिससे ये दर्शा रहा है कि आधी रात होने में 90 सेकेंड बाकी हैं. घड़ी ये बताना चाहती थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनिया को कितना खतरा है..
जर्नल में छपी रिपोर्ट – नेचर जियोसाइंस जर्नल के एक आर्टिकल ने इस बात का दावा किया है. वैज्ञानिक काजुमी ओजाकी और क्रिस्टोफर रेनहार्ड द्वारा जारी की गई इस रिसर्च में दावा किया गया है कि धरती का खात्मा डीऑक्सिजनेशन से होगा. हालांकि, हाउ स्टफ वर्क्स वेबसाइट के अनुसार इंसान शायद उस साल से पहले भी धरती का खात्मा करने में कामयाब हो जाएं. साल 1947 में बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने एक डूम्सडे क्लॉक का आविष्कार किया था. ये घड़ी लोगों को ये बताती है कि इंसानों द्वारा बढ़ने वाली टेक्नोलॉजी से धरती को कितना खतरा है. यह एक रूपक है, उन खतरों की याद दिलाता है जिनका हमें समाधान करना होगा यदि हमें ग्रह पर जीवित रहना है.














