नई दिल्ली। केंद्र सरकार में पुरानी पेंशन बहाली और एनपीएस को खत्म करने के लिए आंदोलन हो रहा है। सरकारी कर्मचारी, जनवरी में भूख हड़ताल और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ओपीएस व एनपीएस के बीच का एक अंतर खत्म कर दिया है। नेशनल पेंशन सिस्टम एनपीएस में इनवेलिड यानी विकलांगता पेंशन और फैमिली पेंशन के मामले में जो पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) नंबर जारी होता है, उसे एन सीरिज के तहत जारी किया जाता है। अगर ओपीएस से जुड़ा कोई केस है, तो उसमें इस तरह का कोई अक्षर, जिससे उसकी श्रेणी का पता चले, जारी नहीं होता है। एनपीएस में पीपीओ नंबर जारी होता है, तो उस वक्त एन लिखा जाता है। अब यह विभेद खत्म कर दिया गया है। यानी विकलांगता पेंशन या फैमिली पेंशन की फाइल पर पीपीओ नंबर जारी करते वक्त कोई विभेद नहीं होगा। अब एन श्रेणी हटा दी गई है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत केंद्रीय पेंशन लेख कार्यालय, द्वारा 18 दिसंबर को जारी एक कार्यालय ज्ञापन में यह बात कही गई है। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972, अब केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 के तहत पेंशन/फैमिली पेंशन की प्रक्रिया पूरी होती है। ओपीएस के तहत अगर कोई पीपीओ जारी होता है, तो उसमें श्रेणी अंकित नहीं रहती है। एनपीएस और ओपीएस में फैमिली पेंशन व विकलांगता पेंशन पहले भी जारी होती थी। एनपीएस में जब कोई पीपीओ इश्यू होता है, तो उसमें एन यानी एनपीएस श्रेणी लिखा रहता है। यह ओपीएस और एनपीएस के बीच एक विभेद था। बाकी सभी बातें एक समान थी, लेकिन एन ने पीपीओ नंबर को एनपीएस और ओपीएस में विभाजित कर दिया था। इस विभेद से संबंधित लाभार्थी को यह अहसास होता है कि वह पुरानी पेंशन में है या एनपीएस में है। अब वित्त मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन ने उस भेद को मिटा दिया है। अगर अब कोई भी इनवेलिड/फैमिली पेंशन का पीपीओ नंबर जारी होगा, तो उसमें एन नहीं लिखा होगा। भले ही कोई केस बोर्ड आउट होने का है या फैमिली पेंशन का है, अब पीपीओ जारी होने के दौरान ओपीएस वाला नियम लागू होगा। पीपीओ जारी होने में कहीं पर भी एनपीएस नहीं लिखा जाएगा।
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