रायपुर। बेमेतरा जिला सहित प्रदेशभर में नकली कीटनाशक दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। दुर्ग की घटना के बाद भी स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों ने सबक नहीं लिया है। बुधवार को सभापति जिला पंचायत राहुल टिकरिहा की सूचना पर कृषि विभाग ने नकली कीटनाशक दवा से भरे गोदाम को सील कर दिया था। वही कम्पनी के कर्मचारियों के किराए के घर से दो कार्टून कीटनाशक भी जब्त किया गया था। उल्लेखनीय है कि ग्राम संडी के तीन किसानों ने कृषि विभाग में लिखित शिकायत कराई कि नव किसान बायो प्लांटेक लिमिटेड हैदराबाद कम्पनी के कर्मचारी किसानों को अधिक उत्पादन व माहो प्रकोप को कम करने का दावा कर, नकली कीटनाशक बेच रहे हैं। कम्पनी के कर्मचारी गांव गांव जाकर दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। जानकारी के अभाव में किसान ठगे जा रहे थे जिसकी सूचना सभापति राहुल योगराज टिकरिहा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को दी थी। नव किसान बायो प्लांटेक कम्पनी के अधिकारी के नहीं पहुंचने पर कृषि और रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। इसके बाद गोदाम से रासायनिक व जैविक उत्पाद जब्त किए गए। शिकायत के बाद मामले की प्राथमिक जांच में किसानों की शिकायत सही पाई गई थी। जिसमें कम्पनी के कर्मचारियों के किराए के घर से 505 कीटनाशक व अन्य उत्पाद जब्त किए गए थे। विगत दिनों करवाई के दौरान 49 पैकेट विजेता माइक्रो न्यूट्रेट मिक्चर, 32 लीटर जैविक दवा समेत अन्य दवाइयां जब्त की गई है। वही अधिकारियों ने दवाइयों की बिक्री से सम्बंधित दस्तावेज जब्त किए। जिसमे सबसे अधिक बेरला ब्लॉक में कारोबार करना पाया गया।

नोटिस के बावजूद, नही पहुचे कम्पनी के अधिकारी तोड़ा गया ताला
अधिकारियों ने बताया कि कम्पनी के कर्मचारी बिना लाइसेंस के क्षेत्र में कीटनाशक की बिक्री कर रहे हैं। जो अवैध है, इसलिए कम्पनी के मार्केटिंग मैनेजर को नोटिस जारी कर, दो दिन के भीतर गोदाम का ताला खोलने का समय दिया गया था। लेकिन सोमवार को आने का आश्वासन देकर कम्पनी के कर्मचारी नही आए। इसकी सूचना बेमेतरा एसडीएम दुर्गेश वर्मा को दी गई। इसके बाद उन्होंने गोदाम का ताला तोडऩे के आदेश जारी किए।
कंपनी के ऊपर होगी उर्वरक व कीटनाशक एक्ट के तहत की कार्रवाई
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उर्वरक बिक्री के लिए नवकिसान कम्पनी को मिले लायसेंस की मियाद फरवरी माह में समाप्त हो गई थी। जिसका नवीनीकरण अब तक नहीं कराया गया है, वही कम्पनी की ओर से आवेदन किया गया है। कीटनाशक की बिक्री बिना लाइसेंस अवैध तरीके से की जा रही है। इसलिए कम्पनी पर उर्वरक व कीटनाशक एक्ट के प्रकरण बनाया जाएगा। दोनों मामलों में जुर्माना व सजा का प्रावधान है।
जब्त जैविक उत्पाद को जांच के लिए भेजा जाएगा लैब

जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि जब्त जैविक उत्पाद को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। क्योकि किसानों ने जैविक को रासयनिक बताकर बेचने की शिकायत की थी। इसकी पुष्टि लैब टेस्ट में होगी।


















