रायपुर। प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ 1 नवंबर को सत्याग्रह तथा 2 और 3 नवंबर को सामूहिक अवकाश लेकर अपनी लंबित मांगों के लेकर शासन का ध्यानाकर्षण करेगा। प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष करन सिंह अटेरिया, उपाध्यक्ष केपी श्रीवास, एचबी अंसारी, बीएल पटेल, टीयू हाशमी, सचिव-श्रीमती मंजू ठाकुर, किशोर पटेल, संगठन सचिव-गीता बडग़े, कार्यकारिणी सदस्य- राजू गोंड ठाकुर, कमल कसेर, दुलेश्वरी कुर्रे, शिव देवांगन, डालचंद कोरी एवं अन्य पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ के प्रमुख मांगों में-(1)एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करो, (2)सभी विभागों में रिक्त पदों पर निशर्त अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें, (3) जनघोषणा पत्र के क्रियान्वयन-दैनिक वेतन भोगी/ प्लेसमेंट/ संविदा/ आउटसोर्सिंग/ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर/ अन्य सभी प्रकार के अनियमित कर्मचारियों को शीघ्र नियमित करें, (4) कोरोना वायरस के रोकथाम में लगे पीडि़त/निधन हुए कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा राशि प्रदान करें।

मांग को लेकर शासन को सचेत करें। (5) सातवें वेतनमान का एरियर्स शीघ्र भुगतान करो। (6) लंबित मंहगाई भत्ता भुगतान करें। (7) लिपिक वर्गीय एवं अन्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति का शीघ्र निराकरण किया जाए। (8) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 1900 ग्रेडपे दिया जाए। प्रांताध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने अनुरोध किया है कि समस्तअधिकारी कर्मचारी फेडरेशन में एक होकर अपने हिस्से का संघर्ष करें। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए एक नवंबर को राजधानी में धरना स्थल पर एकत्रित होकर सत्याग्रह किया जाएगा। दो और तीन को सामूहिक अवकाश लेकर जिले कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।


















