रायपुर। प्रदेश के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के गंगालूर में तहसील कार्यालय खुलने से क्षेत्रवासियों का बरसों पुराना सपना साकार हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप शासन की समस्त योजनाएं जनता तक सुगमतापूर्वक पहुंचाने विभिन्न दस्तावेजों जाति, निवास, आय सहित भूमि विवाद बटवारा नामांतरण, नकल बी-1 खसरा स्थानीय स्तर पर सुगमतापूर्वक प्रदान करने एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के उद्देश्य से तहसील कार्यालय का लिंक कोर्ट प्रारंभ किया गया है। गंगालूर में तहसील कार्यालय लिंक कोर्ट का शुभारंभ किया गया, यह प्रति सप्ताह बुधवार और गुरूवार को संचालित होगा। तहसील कार्यालय खुलने से सुदूर वनांचल क्षेत्रवासियों का समय और धन की बचत के साथ-साथ परेशानियों से भी मुक्ति मिलेगी। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन को अवश्य अवगत कराएं, समस्या का यथासंभव निराकरण किया जायेगा। तहसील कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर ने गंगालूर निवासी कृषक श्री महेन्द्र सिंह को ऋण पुस्तिका की द्वितीय प्रति प्रदान किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शंकर कुडिय़म जिला पंचायत अध्यक्ष सहित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि गंगालूर क्षेत्र के 15 ग्राम पंचायत जिसके अंतर्गत 9 पटवारी हल्का है वहीं 47 गांव के लोगों को अब छोटी-छोटी कार्यों के लिये जिला कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गंगालूर जिला कार्यालय से 22 किलोमीटर दूर है, वहीं भीतर के गांव की बात किया जाय तो 50 किमी की दूरी तक गांव है, जो जाति, निवास, आय, शपथ पत्र भूमि बटवारा नामांतरण सहित विभिन्न कार्यों के लिये बीजापुर आते है। उन ग्रामीणों को समस्या को देखते शासन-प्रशासन के पहल पर तहसील कार्यालय खोला गया है, जिससे ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस पहल का हृदय से धन्यवाद देते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
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