कोण्डागांव। विकासखण्ड कोण्डागांव के ग्राम कोकोड़ी में लगभग पूर्णता की सीमा में निर्मित हो चूके बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट के संबंध में उठे विवाद को लेकर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों एवं उक्त ग्राम के ग्रामीणों की आवश्यक बैठक आज आयोजित की गई थी। बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीणों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तथा हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि पूरे बस्तर संभाग में बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट के निर्माण हेतु कोण्डागांव जिले का पूर्व में ही चयन किया गया था और यह प्लांट पूरी तरह शासन के नियमानुसार एवं ग्रामीणों की सहमति के आधार पर निर्मित किया जा रहा है। प्लांट के लिए भूमि चयन में भी किसी प्रकार की विवाद की स्थिति पूर्व में नहीं थी। उन्होंने आगे बताया कि प्लांट के निर्माण होने से प्रदूषण इत्यादि की कोई संभावना नहीं है, जिससे स्थानीय ग्रामवासी प्रभावित हो सकते हैं और तो और राज्य के अनेक जिले जैसे रायपुर के समीप भी इस तरह के मेडिकल वेस्ट प्लांट का संचालन बिना किसी बाधा के हो रहा है। इसके साथ ही इस संयंत्र के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं को भी रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। उन्होंने इस संबंध में ग्रामीणों से किसी भी प्रकार के भ्रामक अफवाह में न आने की अपील भी की। ज्ञात हो कि ग्राम कोकोड़ी में व्हीएम टेक्नोसॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा मेडिकल वेस्ट प्लांट का निर्माण लगभग दो वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था और वर्तमान में इस प्लांट का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चूका है। इस संयंत्र में जिले भर के मेडिकल अपशिष्टों एवं सामग्रियों का निस्तारण पूरी तरह जनहित, स्वास्थ्यगत जारी गाइड लाईन के अनुरूप होगा। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को समझाईश देते हुए संयंत्र का विरोध न करने को कहा। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम, जनप्रतिनिधि मनीष श्रीवास्तव, तरूण गोलछा, बालसिंह बघेल सहित एसडीएम बीआर धु्रव, डिप्टी कलेक्टर गौतम चंद पाटिल एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट निर्माण पर विवाद, ग्रामीणों को कलेक्टर ने दी समझाईश
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