वट्टियूरकावु /कझाकूटम: केरल के तिरुवनंतपुरम में विधानसभा चुनाव काफी रोचक हो गया है, क्योंकि 6 महीने पहले बीजेपी ने नगर निगम में जीत हासिल कर एलडीएफ को सत्ता से बेदखल किया है। निगम चुनाव में हार के बाद एलडीएफ भी पूरी ताकत झोंक रही है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव को अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका माना है, क्योंकि वह पिछले चुनाव में कांग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेलकर रनर अप बनी थी । वट्टियूरकावु और कझाकूटम सीटें में कुल मिलाकर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
पिछले मुकाबले में बीजेपी दूसरे नंबर पर
2021 के केरल चुनाव में कझाकूटम से सीपीएम के कदमपल्ली सुरेंद्रन ने 23 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। इस सीट पर बीजेपी की शोभा सुरेंद्रन दूसरे और कांग्रेस के एस. एस. लाल तीसरे स्थान पर रहे थे। 2016 में इस सीट से सीपीएम को जीत मिली थी। 2011 में सीपीएम उम्मीदवार सी. अजयकुमार कांग्रेस एमए वाहिद से कड़े मुकाबले में सिर्फ दो हजार वोटों से हार गए थे। इस बार बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन को चुनाव में उतारा है। सीपीएम ने के. सुरेंद्रन और कांग्रेस ने टी. शरत चंद्र को मैदान में उतारा है। के. सुरेंद्रन देवस्व मंत्री रह चुके हैं और सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी को लेकर वह काफी विवादित भी रहे। सीपीएम समर्थक उन्हें जितवाने के लिए पूरा दम लगा रहे हैं क्योंकि यह पार्टी की साख का सवाल है।
- वट्टियूरकावु और कझाकूटम सीट पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला
- तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने दर्ज की थी जबरदस्त सीट
- नगर निगम चुनाव में हार के बाद एलडीएफ झोंक रही पूरा ताकत
बीजेपी ने श्रीलेखा को मैदान में उतारा
वट्टियूरकावु विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने आर. श्रीलेखा और कांग्रेस ने के. मुरलीधरन जैसे दिग्गज को चुनाव में उतारा है। दूसरी ओर, सीपीएम ने पूर्व मेयर और युवा नेता वीके प्रशांत को टिकट दिया है। 2021 के चुनाव में बीजेपी के वीवी राजेश दूसरे नंबर पर रहे थे। चुनाव सीपीएम के वीके प्रशांत ने जीता था। इस सीट पर भी कांग्रेस खिसककर तीसरे नंबर पर चली गई थी। वट्टियूरकावु के रहने वाले हरिंद्रन एलडीएफ के कैडर हैं। उनका कहना है कि वीके प्रशांत युवा नेता है और हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। इस चुनाव में एंटी इम्कबेंसी के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं। कांग्रेस ने पूर्व विधायक के. मुरलीधरन को उतारकर मुकाबले को कड़ा बना दिया है। उनका कहना है कि श्रीलेखा पूर्व आईपीएस रही हैं। उन्हें नेता के तौर पर नरम छवि पेश करनी होगी। साथ ही, बीजेपी नेताओं का समर्थन भी हासिल करना पड़ेगा।
दो मुद्दों पर लड़ा जा रहा वट्टियूरकावु चुनाव
बीजेपी के प्रचारक श्रीधरन ने बताया कि वट्टियूरकावु में चुनाव दो मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में के.सुरेंद्रन की भूमिका और बीजेपी उम्मीदवार की ओर से पेश किए गए विकास का खाका महत्वपूर्ण है। आम वोटरों का मानना है कि कांग्रेस उम्मीदवार टी. शरतचंद्र प्रसाद की पकड़ भी मजबूत है, इसलिए चुनाव का पलड़ा किसी तरफ झुक सकता है।



















