गुजरात के राजकोट जिले में 2,500 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी मामले से जुड़े गिरोह में कथित संलिप्तता के आरोप में प्रमुख निजी बैंकों के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अब तक पकड़े गए लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. पुलिस ने सोमवार (20 अप्रैल) को जानकारी दी है.
राजकोट (देहात) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पदधारी में यस बैंक के निजी प्रबंधक मौलिक कमानी, जामनगर में एक्सिस बैंक के प्रबंधक कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के निजी बैंकर अनुराग बलधा के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि डांगरिया और बलधा पहले यस बैंक में कार्यरत थे.
मामले पर एसपी ने दी यह जानकारी
एसपी ने बताया कि कमानी ने कथित तौर पर पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को संदिग्ध खाते खोलने और प्रबंधित करने में सहायता की. पुलिस ने बताया कि डांगरिया पर फर्जी या गलत पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी खाते खोलने में मदद करने का आरोप है.
गुर्जर ने बताया कि बालधा ने इस गिरोह के लिए सत्यापन और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं के बाद नए खाते खोले. एसपी ने बताया कि तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि अन्य न्यायिक हिरासत में जेल में हैं. पुलिस द्वारा इस मामले में गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है.
संगठित नेटवर्क कर रहा था काम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस मामले में एक संगठित गिरोह काम को अंजाम दे रहा था. इसमें कई निजी बैंक के अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं. जांच में यह भी पता चला है कि इन बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसे खाते खोले जो संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किए जा रहे थे. फर्जी दस्तावेजों के जरिए इन खातों को सक्रिय रखा गया.



















