NEET UG 2026 का पेपर लीक होने के बाद NTA ने 3 मई को आयोजित हुए एग्जाम को रद्द कर दिया है, जिसका असर लाखों मेडिकल छात्रों पर पड़ा है. पेपर लीक और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अब उद्धव टाकरे गुट की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा है कि हर साल वही घिनौनी और शर्मनाक पेपर लीक की कहानी दोहराई जाती है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, “सरकार छात्रों और उनके भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी से लगातार पल्ला झाड़ रही है. 2024 में NEET UG का पेपर लीक होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था और सरकार ने उन्हें कड़ी जवाबदेही और सजा का आश्वासन दिया था.”
‘23 लाख छात्र अधर में लटके हैं’- प्रियंका चतुर्वेदी
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि अभिभावकों को आश्वासन देकर सरकार शांत हो गई. कोई एक्शन नहीं हुआ. मंत्री बिना किसी जिम्मेदारी के अपने पद पर बने रहे. अब साल 2026 की बात करें, तो 23 लाख से ज्यादा छात्र एक निकम्मे NTA और उससे भी ज्यादा निकम्मे नेतृत्व की वजह से अधर में लटके हुए हैं, जो पेपर लीक के मामले में फिर से बच निकला है. शर्मनाक!”



















