रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के बाद सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में लैंडस्लाइड का मामला सामने आया है। लैंडस्लाइड के कारण रास्ते में फंस गए करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एसडीआरएफ ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूचना पर जिला नियंत्रण कक्ष डीसीआर रुद्रप्रयाग की ओर से मंगलवार रात 9:16 बजे एसडीआरएफ को रास्ते पर लैंडस्लाइड की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ सोनप्रयाग की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
केदारनाथ रूट पर मुनकटिया में लैंडस्लाइड से मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। सूचना पर एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। रात का समय, खराब मौसम, पहाड़ी से लगातार गिरता मलबा और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्थिति में राहत और बचाव कार्य चलाया गया।
एसडीआरएफ ने दी जानकारी
एसडीआरएफ ने बताया कि टीमों ने सूझबूझ और धैर्य से सड़क के दूसरी ओर फंसे करीब 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया गया। यह लैंडस्लाइड चार धाम यात्रा के मुख्य मार्ग पर तब हुआ, जब यात्रा का सबसे व्यस्त समय चल रहा था। उत्तराखंड में मौसम की अनिश्चितता यात्रा मार्गों को लगातार प्रभावित कर रही है। तीर्थयात्री सड़क के दोनों ओर फंस गए थे। ऊपर से गिरते मलबे और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य धीमा हो गया।
मंगलवार रात गौरीकुंड से थोड़ा आगे एक छोटा सा भूस्खलन हुआ था। हमने अर्थ मूवर्स (मशीनें) लगाकर कल शाम तक ही ज़्यादातर मलबा हटा दिया था। अब ट्रैफिक पूरी तरह से सामान्य है।
विशाल मिश्रा, रुद्रप्रयाग डीएम
एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि करीब 10,450 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालकर प्रभावित इलाके से दूसरी ओर पहुंचाया गया। अंधेरे के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक ले जाया गया । रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाया गया। इसके बाद मार्ग को फिर से सुचारू कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
पुलिस ने दी जानकारी
उत्तराखंड पुलिस की ओर से केदारनाथ यात्रा के सुचारू रूप से जारी होने की जानकारी दी है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित रूप से शटल प्वाइंट तक पहुंचाकर शटल सेवा से गौरीकुंड भेजा जा रहा है। गौरीकुंड से आगे श्री केदारनाथ धाम यात्रा जारी है। पुलिस ने तीर्थयात्रियों से दिशा-निर्देशों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।



















