कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ फैसले रहे हैं। बुलडोजर एक्शन और बकरीद से पहले पशु वध के सख्त नियमों को लेकर टीएमसी हमलावर है। हुमायूं कबीर समेत मुस्लिम नेताओं ने भी सरकारी आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसके जवाब में मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों ने कमान संभाल रखी है। बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने हुमायूं कबीर को कहा कि बंगाल में रहना चाहते हैं कि राज्य का कानून मानना होगा।
भारत छोड़ दें हुमायूं कबीर
अग्निमित्रा पॉल ने कहा है कि अगर वह कानून नहीं मानते तो दूसरे राज्य में जा सकते हैं, जहां आपके लिए अनुमति है। अगर दूसरे राज्यों में भी अनुमति नहीं मिली तो दुनिया में 50-55 मुस्लिम देश है, वहां जा सकते हैं। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हुमायूं कबीर अगर भारत का कानून नहीं मानना चाहते हैं तो वह दुनिया के दूसरे देशों में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि कानून के विपरीत जो पशु वध करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। जो पशुओं के कटान के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करेगा, उसे भी सजा मिलेगी।
कलाकार होकर नफरती टिप्पणी
2021 के चुनावी हिंसा के मामले में स्वास्तिका मुखर्जी और परमव्रत पर होने वाली कार्रवाइयों पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जहांगीर खान और शेख शाहजहां अगर लोगों को मारने की बात करते तो समझा जा सकता था। मगर कलाकार होते हुए उन्होंने टीएमसी की जीत के बाद नफरत भरी टिप्पणी की थी। उन्होंने हैरानी जताई कि बंगाल में बीजेपी की जीतते ही दोनों ने पाला बदल लिया। अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वह अपने विचार और पार्टी के साथ बने रहें क्योंकि बीजेपी में एंट्री जांच-परख के बाद ही हो सकती है।



















