अमलेशवर (पाटन)। कोडिया दुर्ग के रहने वाले गैंदलाल जी देशमुख जिन्होंने अपने स्वयं के मेहनत से एवं अपने ही स्वयं के धन से 5 एकड़ बंजर भूमि में अलग-अलग प्रजाति की लगभग 300 पौधे लगा कर उसे पेड़ बनाने वाले गैंदलाल जी देशमुख का 94 वर्ष की आयु मे निधन हो गया। उनके निधन पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। समिति के अध्यक्ष डॉ अश्वनी साहू ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले देशमुख जी के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। शासन स्तर पर उनके द्वारा किये गये कार्य को लंबे समय तक संवर्धन कर चिर स्मरणीय बनाया जाना चाहिए, साथ ही शासन स्तर पर श्री देशमुख जी के नाम पर पुरस्कार योजना चलाने की मांग शासन से की है, ताकि हमारे गांव समाज के युवा भी उनके द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्य से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर तरीके से कार्य कर सके। श्री साहू ने बताया कि समिति के सदस्यों के द्वारा श्री देशमुख जी को बादाम की पौधे भेंट कर सम्मानित करने की योजना बना लिये गये थे पर लंबे समय तक कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण के कारण यह इच्छा अधूरा ही रह गया। उन्होने उनके याद में अमलेश्वर क्षेत्र में एक बरगद या पीपल की पौधे लगाने की योजना बना रखे हैं। समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा ने भी श्री देशमुख जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया हैं, साथ ही उन्होने समाज के युवाओं को भी उनके द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ पर्यावरण के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुड़कर उनके कार्य को स्मरणीय रखने का आह्वान किया है। इसी के साथ ही समिति के गीतालाल साहू, संजू साहू, प्रभु यादव, कौशल वर्मा, सोहन साहू, कोमल वर्मा, गोपी साहू, उदित भारद्वाज, श्यामलाल जी सिन्हा (शिक्षक), परस राम साहू (शिक्षक), ऊधो राम साहू, परस साहू, शैलेश साहू, डीडी सर्वा नरेन्द्र गिलहरे सहित समिति के सभी पदाधिकारियों ने श्री देशमुख जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर ईश्वर से उनके पवित्र आत्मा की शाँति के लिये प्रार्थना किये है।
5 एकड़ बंजर भूमि पर हरियाली लाने वाले पर्यावरण प्रेमी गैंदलाल देशमुख का निधन, छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने दी श्रद्धांजलि
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