बीते कुछ सालों से शहरों और चौक चौराहों के नाम बदले जा रहे हैं। भाजपा सरकार में ऐसा लगातार होता रहा है। एक बार फिर नाम बदला गया है, लेकिन इस बार किसी जगह का नहीं बल्कि फल का नाम बदला गया है। और यह फल है ड्रैगन फ्रूट। अब इसे गुजरात में कमलम के नाम से जाना जाएगा। इस बारे में मंगलवार को जानकारी देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रूट के नाम को ‘कमलम’ में बदलने के लिए एक पेटेंट के लिए आवेदन किया है। ड्रैगन फ्रूट बड़े पैमाने पर कच्छ, नवसारी और सौराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में उगाया जाता है। ड्रैगन फ्रूट नाम उचित नहीं लगता है और इसके नाम की वजह से कोई भी चीन के बारे में सोचने लगता है। इस नाम से चीन जुड़ा महसूस होता है, इसलिए हमने इसे कमलम नाम दिया है।
नाम सिर्फ कमलम ही क्यों?
ड्रैगन फ्रूट का नाम कमलम ही क्यों रखा गया इस पर भी कई सवाल उठे। जब मीडिया ने रूपाणी से इसके बारे में तो उन्होनें बताया कि किसान कहते हैं कि यह कमल की तरह दिखता है और यही वजह है कि हमने इसे कमलम नाम दिया है। ध्यान देने वाली बात है कि कमल भाजपा का चुनावी चिन्ह है और गुजरात में पार्टी मुख्यालय का नाम भी श्रीकमलम है। हालांकि, रूपाणी ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट के नामाकरण में कुछ भी राजनीतिक नहीं है।
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