दंतेवाड़ा- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के तत्वावधान में दंतेवाड़ा में आयोजित ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर को नशामुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’, राष्ट्रीय पोषण माह और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को स्वस्थ और विकसित समाज के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय बताते हुए जनजागरूकता के साथ सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छोटे-छोटे विषयों को जनआंदोलन का रूप देकर उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। स्वच्छता अभियान इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। कचरे का पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण तभी प्रभावी हो सकता है, जब नागरिक अपने घरों और संस्थानों से ही कचरे को अलग-अलग रखना शुरू करें। उन्होंने प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
महेश कश्यप ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ केवल वस्तुओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देना भी है। पहले ग्रामीण जीवन में प्राकृतिक और पुन: उपयोग योग्य वस्तुओं का अधिक इस्तेमाल होता था, लेकिन अब प्लास्टिक और पैकेजिंग पर निर्भरता बढ़ी है। सुविधा के साथ इसका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़कर ही स्थायी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि नशे की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित युवा होते हैं और उन्हें नशे से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को मिलकर अभियान चलाना होगा। युवाओं को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।
राष्ट्रीय पोषण माह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ बचपन से रखी जाती है। कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, माताओं और बच्चों के स्तर पर निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं का स्वस्थ और सक्षम होना ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में स्वस्थ, जागरूक और सक्षम युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
विधायक चैतराम अटामी ने नशे से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़ने और देश को मजबूत बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकते हैं। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने तथा युवाओं को खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मडावी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाल, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष पांडे तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे। सांसद ने पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।


















