जयपुर: जयपुर की चर्चित लेडी डॉन मिंटू चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मुहाना थाना पुलिस की जांच में सामने आया है कि मिंटू की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति लालाराम चौधरी और बेटे हरिओम चौधरी ने मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में हत्या की वजह पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों को बताया जा रहा है।
गला घोंटकर मारा और फिर कुएं में फेंका शव
डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी की हत्या उसके पति लालाराम चौधरी और बेटे हरिओम चौधरी ने ही की थी। गला घोंटकर हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने शव को चादर में लपेटा और करीब 200 फीट गहरे सूखे कुएं में फेंक दिया। दोनों ने अपने परिवार और रिश्तेदारों को हत्या की भनक तक नहीं लगने दी। हत्याकांड के बाद दोनों ऐसे रहने लगे जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं।
कभी तिहाड़ तो कभी सेवर जेल में होने की बात कही
लंबे समय तक जब मिंटू चौधरी गायब रही तो परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार मिंटू के बारे में पूछने लगे। इस पर लालाराम और हरिओम कभी मिंटू चौधरी के तिहाड़ जेल में होने की बात कहते और कभी भरतपुर की सेवर जेल में होने की बात कहते। जब कई महीनों तक मिंटू के बारे में कोई समाचार नहीं मिला तो मिंटू की बहन ने तिहाड़ और सेवर जेल प्रशासन से संपर्क किया। वहां से पता चला कि मिंटू चौधरी नाम की कोई कैदी जेल में बंद नहीं है। इसके बाद मिंटू के साथ अनहोनी की आशंका जताई जाने लगी।
गुमराह करने के लिए पति ने ही दर्ज कराई गुमशुदगी
मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया के बताया कि परिवार वालों, रिश्तेदारों और पुलिस को गुमराह करने के लिए मिंटू चौधरी के पति लालाराम ने 27 जुलाई 2025 को मुहाना थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि लालाराम और हरिओम ने मार्च 2025 में यानी गुमशुदगी दर्ज कराने से दो महीने पहले ही मिंटू की हत्या करके शव सूखे कुए में फेंक दिया था लेकिन गुमराह करने के लिए लापता होने की रिपोर्ट दी। करीब एक साल तक मिंटू के बारे में जब कुछ भी पता नहीं चला तो पुलिस को पति पर शक हुआ। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी।



















