वॉशिंगटन: एफबीआई के भारतवंशी डायरेक्टर काश पटेल ने सगाई कर ली है। उन्होंने रविवार को एलेक्सिस विल्किंस के साथ अपनी सगाई का ऐलान किया है। पटेल और विल्किंस, दोनों ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका ऐलान किया है। दोनों ने साथ में तस्वीर शेयर की है, जिसमें विल्किंस अंगूठी पहने हुए पटेल के साथ दिख रही हैं। विल्किंस की सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए FBI डायरेक्टर ने भी इस रिश्ते की पुष्टि की है।
46 साल के पटेल ने 2023 से 27 साल की विल्किंस को डेट कर रहे हैं। दोनों कई मौकों पर साथ दिखते रहे हैं। विल्किंस उनके शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। दोनों ने तीन साल तक एक-दूसरे कोजेट करने के बाद रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए सगाई का ऐलान किया है। एलेक्सिस विल्किंस एक कंट्री म्यूजिक सिंगर हैं, जो कुछ टीवी शो और फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं।
कौन हैं विल्किंस
विल्किंस ने पटेल के साथ अपनी ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटो पोस्ट की, जिसमें वह अंगूठी दिखाते हुए नजर आ रही हैं। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘अब मामला कानून के हाथ में है। कंट्री सिंगर और पॉलिटिकल कमेंटेटर विल्किंस ने 2023 में अपना पहला एल्बम रिलीज किया था। विल्किंस कंजर्वेटिव ग्रुप्स से जुड़ी रही हैं
विल्किंस कुछ समय पहले तब भी चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने ‘अमेरिका 250’ के तहत नेशनल मॉल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर’ में परफॉर्म किया था। कई अन्य कलाकारों ने यह पता चलने पर कि यह कोई गैर-राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। काश पटेल के कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर भी वह चर्चा में आती रही हैं।
काश पटेल का भारत से नाता
भारतीय मूल के अमेरिकी काश पटेल ने बीते साल के शुरू में संघीय जांच ब्यूरो ( एफबीआई) के डायरेक्टर का पद संभाला था। काश को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माना जाता है। न्यूयॉर्क में जन्मे काश ने यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड से ग्रेजुएशन और पेस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से ज्यूरिस डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की है।
45 वर्षीय भारतीय मूल के पटेल ने वकील के तौर पर कई हाईप्रोफाइल पदों पर कार्य किया है। इनमें राष्ट्रपति के उपसहायक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में वरिष्ठ निदेशक का पद शामिल हैं। काश का भारत से खास नाता है। उनके पिता की जड़ें गुजरात के आनंद जिले में हैं। काश पटेल अपने शपथ ग्रहण के समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी।



















