अहमदाबाद: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने देश के पहले गृह मंत्री के जन्मदिन पर अहमदाबाद स्थिति प्रदेश कार्याल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें गुजरात के प्रभारी और AICC के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे। इसके बाद सुरजेवाला और दूसरे नेताओं ने सरदार वल्लभभाई स्मृति ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में सुरजेवाला ने पूर्व मंत्री दिनशा पटेल को सरदार रत्न से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में पाटीदार समुदाय के अन्य दिग्गज भी मौजूद रहे।
कौन हैं दिनशा पटेल
दिनशा पटेल कांग्रेस के दिग्गज नेता है। उनका पूरा नाम दिनशा झावेरभाई पटेल है। वे पहले केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। वह 89 साल के हैं। पिछले दिनों अस्वस्थ होने पर कांग्रेस के नेता उनसे मिलने भी गए थे। एक बार उन्होंने जब पीएम मोदी की तारीफ की थी तो वह काफी चर्चा में आ गए थे। 25 मई 1937 को बड़ौदा (अब वडोदरा) में जन्में दिनशा पटेल का मुख्य कार्यक्षेत्र नाडियाड (गुजरात) रहा है। वह गुजरात के खेड़ा लोकसभा से लंबे समय तक (1996 से 2014 तक) सांसद रहे हैं। मनमोहन सिंह की सरकार में वे खान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे महत्वपूर्ण विभागों में केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री रह चुके हैं।
लौह पुरुष सरदार पटेल से जुड़ाव
दिनशा पटेल का सरदार वल्लभभाई पटेल से परिवारिक या खून का रिश्ता नहीं है, बल्कि उनका जुड़ाव वैचारिक और संस्थागत रूप से रहा है। दिनशा पटेल वर्तमान में सरदार वल्लभभाई पटेल मेमोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह सरदार पटेल की ही तरह गुजरात के नाडियाड-खेड़ा क्षेत्र से आते हैं। दिनशा पटेल की छवि एक ईमानदार नेता की रही है। वह सरदार पटेल के आदर्शों, शिक्षा एवं समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं। दिनशा पटेल को सरदार रत्न प्रदान करने के बाद सुरजेवाला ने बीजेपी पर हमला बोला और एकता दिवस मानने पर हमला बोला।
कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव
कांग्रेस ने गुजरात में सरदार पटेल की विरासत को बचाने के लिए खुद को सक्रिय किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी हाल ही में सरदार वल्लभभाई स्मृति ट्रस्ट के नए प्रमुख यानी अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने सितंबर 2026 में इस प्रतिष्ठित ट्रस्ट के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला है। लौह पुरुष सरदार पटेल के विचारों और आदर्शों को समर्पित यह ट्रस्ट 49 साल पुराना है। इसकी स्थापना 1977 में की गई थी। ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र देसाई के निधन के बाद भरत सिंह सोलंकी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निशित व्यास मैनेजिंग ट्रस्टी बने हैं। सरदार वल्लभभाई स्मृति ट्रस्ट से दिनशा पटेल का सम्मानित करके कांग्रेस ने एक मैसेज देने की कोशिश की है कि उसने सरदार पटेल की लीगेसी छोड़ी नहीं है।



















