नागौर: राजस्थान में पंचायत चुनाव के तहत नागौर जिले की मेड़ता रोड-गोटन पंचायत समिति की दधवाड़ा ग्राम पंचायत से 73 वर्ष की आयु में सुरज्ञान कंवर नवनिर्वाचित सरपंच चुनी गई हैं। चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 737 मतों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 73 वर्ष की उम्र में चुनावी मैदान में उतरकर सरपंच बनने के कारण वे पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग में दाखिल अपने हलफनामे में सुरज्ञान कंवर ने अपनी कुल संपत्ति का ब्योरा साझा किया है। उनकी ओर से घोषित शपथ पत्र के अनुसार उनकी कुल चल और अचल संपत्ति ₹73,94,048 (73 लाख 94 हजार 48 रुपये) दर्ज की गई है।
दामाद गजेंद्र शेखावत मोदी सरकार में हैं मंत्री
सुरज्ञान कंवर का सीधा नाता देश की केंद्रीय राजनीति के बड़े चेहरों से है। वे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और पूर्व जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास हैं। उनकी पुत्री नौनंद कंवर का विवाह गजेंद्र सिंह शेखावत से हुआ है। केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़े होने के चलते इस चुनाव परिणाम पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी थीं।
सुरज्ञान कंवर के परिवार का राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव काफी पुराना रहा है। उनके पति प्रताप सिंह भी पूर्व में इसी दधवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच रह चुके हैं। उनके पति 1995 से लेकर 2005 तक सरपंच रहे हैं। लंबे समय तक ग्राम पंचायत की राजनीति में सक्रिय रहे प्रताप सिंह ने इस बार अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा। जनता के भरोसा मिलने के साथ ही सुरज्ञान सरपंच चुनी गईं हैं।



















