Viral Video: भारत में रह रही एक विदेशी युवती वाराणसी घूमने पहुंची. विदेशी युवती ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में वाराणसी में अपनी ट्रिप के आखिरी दिन का अनुभव बताया है. उसने बताया कि बीमार थी, इसके बावजूद उसने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने का फैसला किया. उसने वीडियो में कहा कि उसे वाराणसी में कोई भी बाधा मंदिर जाने से नहीं रोक सकती है. वाराणसी (बनारस) की ट्रिप के दौरान विदेशी युवती को बड़ी सीख मिली. काशी विश्वनाथ मंदिर जाते समय अंतिम संस्कार के लिए ले जाते शवों को देखकर उसे अहसास हुआ कि हमारा अस्तित्व अस्थायी है.
1 हफ्ते से वाराणसी में है युवती
विदेशी युवती @laleerizhavski खुद को सोशल मीडिया मैनेजर बताती है. इंस्टाग्राम पर उसके अधिकतर वीडियो और पोस्ट भारतीय साड़ी में है. वह बीते एक हफ्ते से वाराणसी में है. युवती ने 19 घंटे पहले इंस्टाग्राम पर वाराणसी यात्रा के आखिरी दिन की पोस्ट की है.
उसने बताया कि वह फूड पॉइजनिंग से परेशान थी और बमुश्किल से सिर्फ 4 घंटे सो पाई. हालांकि, उसे कोई भी चीज काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से नहीं रोक सकती है. खासकर ऐसे मौके पर, जब उसका परिवार भी वाराणसी आया हो.
वाराणसी की ट्रिप ने दी बड़ी सीख
युवती ने कहा कि वाराणसी ने मुझे इस यात्रा की सबसे बड़ी सीखों में से एक दी है. वाराणसी की एक दिलचस्प बात यह है कि यहां मौत को लेकर एक बहुत ही सहज नज़रिया है. ज़्यादातर लोग मौत से डरते हैं, वे इसके बारे में सोचना नहीं चाहते, जानना नहीं चाहते, और न ही इस पर बात करना चाहते हैं.
जब वह अपने परिवार के साथ मंदिर की ओर जा रही थी, तो उसने अंतिम संस्कार के लिए शवों को ले जाते हुए देखा. काशी की गलियों से शव गुज़र रहे थे और यह सब बहुत ही सामान्य और शांत लग रहा था. उसने बताया कि यहां के लोगों का मौत को देखने का नज़रिया, मंत्रों का उच्चारण, और वह शांति का अहसास सब कुछ बहुत अलग था.
युवती ने इससे पहले मौत के बारे में कभी नहीं सोचा
इससे पहले उसने शायद ही कभी मौत के बारे में सोचा था. युवती ने कहा कि हालांकि, बनारस की गलियों में शवों को देखने के बाद समझ आ गया कि हमारा अस्तित्व अस्थायी है. हमें वर्तमान पल में जीना चाहिए और यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि जीवन अस्थायी है. मैं वाराणसी से इस गहरी समझ के साथ जा रही हूं कि जीवन अस्थायी है, और उम्मीद है कि अब मैं मौत को भी बेहतर ढंग से समझ पाऊंगी.



















