रायपुर। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आज दिनांक 16 फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी तीन काला कानून वापस कराने समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिलाने राज्य सरकार द्वारा किसानों के शोषण के लिए लागू सौदा पत्र को निरस्त कराने सहित आठ सूत्रीय मांग को लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा बेरला ब्लाक इकाई द्वारा बेरला में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक एक दिवसीय धरना आंदोलन किया गया। धरना आंदोलन का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता श्री अनिल दुबे, श्री लालाराम वर्मा, इंजीनियर श्री अशोक ताम्रकार,श्री गिरधारी सिंह ठाकुर,चंद्र प्रकाश साहू, अरुण परगनिहा,डीआर पाल, टिकेंद्र परगनिहा, उदय राम साहू, सलीम खान, ओमकार वर्मा ने किया। यह धरना आंदोलन दिल्ली में चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन के समर्थन में किया गया, साथ ही प्रदेश के किसानों की समस्या से संबंधित है, धरना आंदोलन में अंचल के सैकड़ों किसान प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें मुख्य रुप से गोवर्धन साहू, ब्रह्मानंद वर्मा,सोनसाय ठाकुर, भक्तपाल, राजेश साहू (अछोली), लेखराम पाटकर( कोटा), टेकराम साहू, महेश पाल(देवारा),सेवक राम हिरवानी, सेवक निषाद,परमानन्द निषाद, बेरलाकला खेमलाल वर्मा, रामविशाल परगनिहा, गोड़गिरी, नंद कुमार गोस्वामी (भावली)डॉक्टर राम शरण साहू, गंगाराम साहू,शुरहोली सुशील साहू (सोडा ) गुलाब देव नायक रकड़मुडा, मुकेश साहू (पिरदा ) रामखेलावन देवांगन, संतोष धनगर, गंगाधर साहू, (रूपकेरा ) शामिल हुए। धरना सभा को संबोधित करते राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता लालाराम वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी कानून कृषि और किसान को बर्बाद करने वाला है वहीं दूसरी ओर किसानों को अपने अधिकार और न्याय पाने के लिए न्यायालय जाने से वंचित किया गया है राज्य आंदोलनकारी दुर्ग जिलाध्यक्ष इंजी. अशोक ताम्रकार ने कहा कि किसान जो अपने खून पसीना बहा कर अनाज पैदा करता है देशवासियों का पालन करता है,उस अन्नदाता किसानों को समर्थन मूल्य से वंचित कर उद्योगपति एवं व्यापारियों द्वारा शोषण करने हेतु निजी मंडी के हवाले कर दिया गया है! राज्य आंदोलनकारी जिला सचिव गिरधारी सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य के भूपेश सरकार द्वारा किसानों के शोषण के लिए सौदा पत्रक काला कानून लागू किया गया है उसे शीघ्र ही रद्द करें और किसान हितैषी होने का परिचय दें, अरुण मढरिया ने कहा कि हमारे क्षेत्र में लगातार सूखा अकाल के चलते किसान गरीबी और कर्ज के शिकार हो गए हैं इसलिए लिफ्ट सिंचाई योजना श्री पथरिया समुदा शिवनाथ के दो मोहानी से गिरोला के पास बड़े नहर से जोड़ा जाए ताकि 50 से अधिक गांव के किसान लाभान्वित होंगे। टिकेंद्र परगनिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बंद सभी कृषि मंडियों को चालू कर समर्थन मूल्य में शीघ्र खरीदी की व्यवस्था करें अन्यथा समर्थन मूल्य से आधे भाव में व्यापारी खरीद कर मालामाल हो रहे हैं और अन्नदाता किसान कंगाल!। समर्थन मूल्य से कम में खरीदी करने वाले पर कठोर कार्यवाही किया जावे। धरना प्रदर्शन के पश्चात शाम 4 बजे एसडीएम बेरला को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में छत्तीसगढ़ के किसान एकजुट, किया धरना-प्रदर्शन
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